जशपुर मुनादी।।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जशपुर आगमन को लेकर हांलाकि अभी तक कोई अधिकृत प्रोटोकॉल जारी नहीं हुआ है लेकिन प्रशासनिक तौर पर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है ।
दरअसल जशपुर के दीपू बगीचा में आज याने शनिवार को सरहुल पूजा में शामिल होने मुख्यमंत्री का आना प्रस्तावित है।जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल का यहां आना तय हो चुका है लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अभी तक संशय की स्थिति बनी हई है क्योंकि सीएम के आगमन को लेकर अभी तक कोई प्रोटोकॉल जारी नही हुआ है।
सीएम के आने की प्रत्याशा और संशय के बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जारी बैनर ,पोस्टर और फ्लेक्सी से जिले के दो विधायक रामपुकार सिंह और संसदीय सचिव यू डी मिंज पूरी तरह से गायब हैं ।यहाँ तक कि जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव भी किसी फ्लेक्सी या बैनर पोस्टर में नजर नहीं आ रहे हैं ।
ऐसा पहली बार हुआ है कि मुख्यमंत्री के जशपुर आगमन पर प्रदेश के वरिष्ठ विधायक व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रामपुकार सिंह और संसदीय सचिव यूडी मिंज को सीएम प्रोग्राम के नक्शे से ही गायब देखा जा रहा है।
सीएम के आगमन को लेकर जशपुर शहर में लगाये गए बैनर पोस्टर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ,प्रभारी मंत्री उमेश पटेल व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और जशपुर विधायक विनय भगत के अलावे किसी भी नेता की तस्वीर नहीं है।
यूं तो का जशपुर कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की कई खबरें सामने आ चुकी है लेकिन सीएम जैसे बड़े सख्शियत के आगमन पर कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी पहली बार सामने आती दिख रही है।
इससे पहले भी सीएम का यहाँ कई बार आना हुआ है लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा गया कि जिले के ही विधायक और खुद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को ही सीएम प्रोग्राम से दूर रखने की कोशिश की गई हो ।
हांलाकि इससे कांग्रेस के कई नेताओं में अंदर ही अंदर काफी आक्रोश है लेकिन पार्टी आउट लाईन के बाहर जाकर कोई भी इस मामले में खुलकर नहीं बोलना चाहते । इस मामले में जब कांग्रेस के जिला महामंत्री महेश त्रिपाठी से हमने बात की तो उन्होंने सधे हुए लहजे में कहा कि इस कार्यक्रम को राजनीतिक चश्मे से न देखा जाय यह सामाजिक कार्यक्रम है इसलिए समाज के लोगो को प्राथमिकता दी गयी है ।

