जशपुर मुनादी ।। गाँव गाँव को विकास की धारा से जोड़ने वाले सरकारी संस्थान ही बिगड़े हुए विकास का दंश झेल रहे हैं। आपको सुनकर बड़ा अजीब लगेगा कि ये बिगड़ा हुआ विकास आखिर है क्या? तो हम आपको बिगड़े हुए विकास की कुछ तस्वीरें दिखाकर समझाने की कोशिश करेंगे कि आखिर सरकारी संस्थान विकास से दूर कैसे हो गए हैं
हमारे पास आई यह तस्वीर फरसाबहार तहसील कार्यालय की है। दरअसल यह यह तस्वीर तहसील कार्यालय कैम्पस में काफी लंबे समय से गड्ढे में तब्दील हो चुके हैंड पम्प की है । कहते है यह हैंड पम्प कुछ साल पहले ही यहाँ लगाया गया था।लेकिन हैंड पम्प लगाने वाली एजेंसी ने यहाँ हैण्डपम्प तो लगा दिया लेकिन यहाँ पानी की निकासी का काम कराना भूल गए नतीजतन हैण्डपम्प दिन ब दिन गड्ढे में तब्दील होता गया और अब हालात ये हैं कि यहाँ से पानी लेना जोखिम उठाने से जरा सा भी कम नहीं है । ये हालात तहसील ऑफिस की है जहां एसडीएम और तहसीलदार के कार्यालय हैं ।
स्थानीय काँग्रेस नेता पूरन वर्मा ने बताया कि इससे बड़ा दुर्भाग्य भला क्या होगा कि तहसील कार्यालय जैसे संस्थान में आने वाले हितग्राहियों और अभ्यर्थियों के लिए न तो पीने का पानी की व्यवस्था है न ही उनके बैठने की न ही भीषण गर्मी में उनके लिए कूलर या पंखा है।
उन्होंने बताया कि 58 ग्राम पंचायत के लोग यहां आते हैं और यहाँ आने वाले अभ्यर्थियों को पानी और हवा जैसे बुनियादी समस्याओं से 2 चार होने पड़ते हैं।यहां जो हैंड पम्प है वहाँ पानी तो है लेकिन यहाँ से पानी लेना खतरे से खाली नहींहै।पानी लेने वालाकभी भी गड्ढे में गिर सकता है।इतनी भीषण गर्मी है और अभ्यर्थियों के लिए न तो पंखा है न कूलर ऐसे में गर्मी से इनकी हालत खराब हो जाती है।
काँग्रेस नेता ने मांग की है कि यहाँ शीतल जल और अभ्यथियों के लिए कूलर की व्यवस्था की जाय ताकि यहां आने वाले अभ्यथियों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके।

