29-April-2022


अगर ऐसा हुआ तो विधायक नाराज हो जाएंगे और वैसा हुआ तो संगठन के लोग ! न उगलते बन रहा न निगलते , पढिये जशपुर काँग्रेस का मौजूदा रिपोर्ट कार्ड …..



जशपुर मुनादी।। खबर जशपुर की सियासत से जुड़ी है और वो भी कंग्रेस से । सर्वे में विधायकों की रिपोर्ट कार्ड सामने आने के बाद सबकुछ ठीक ठीक करने की कोशिशें शुरू हो गयी है । चुनाव के बचे कूल डेढ़ साल के भीतर फिर से कुछ ऐसा हो जाय कि 2018 की सुनामी 2023 में भी कायम रह जाय इसके लिए संगठन में फिर से वही ताकत भरने पार्टी की ओर से कोशिशें तेज कर दी गयी है ।और इन कोशिशों के क्रम में जशपुर जिला न हो ऐसा हो ही नहीं सकता । ऐसा इसलिए क्योंकि जशपुर ऐसा जिला है जहाँ पहली बार जिले की हर सीट पर कांग्रेस का कब्जा है ।पहली बार यहां के मतदाताओं ने कांग्रेस पर एकमुश्त विश्वास किया और भाजपा का यहाँ से सूपड़ा साफ हो गया ऐसे में जशपुर में उसी टेम्परामेंट को कायम रखना काँग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। इन सबके मद्देनजर पार्टी ने अभी से ही पार्टी के भीतर क्या चल रहा है को बड़ी बारीकियों से टटोलना शुरू कर दिया है।

अभी कुछ दिन पहले यहाँ संगठन प्रभारी बासुदेव यादव का दौरा था। पहली बार ऐसा हुआ होगा जब संगठन का कोई संगठन प्रभारी (बगैर चुनाव के)लगातार 6 दिनों के दौरे पर रहा हो ।इन 6 दिनों में जिले के पदाधिकारियों से लेकर सभी 8 ब्लॉक और बूथ के जमीनों कार्यकर्ताओं के साथ संगठन प्रभारी की बैठक चलती रही ।इन 6 दिनों के सघन दौरे में संगठन प्रभारी को क्या कुछ मिला यह इसी से पतां चलता है कि दौरे के आखिरी दिन उन्होंने ब्लॉक अध्यक्षो की सर्जरी करने का बयान जारी कर दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ब्लॉक अध्यक्षो की सर्जरी की जाएगी। हांलाकि उन्होंने ब्लॉक अध्यक्षो की संख्या तो नहीं बताया लेकिन पार्टी के सूत्रों की माने तो जशपुर और कुनकुरी विधानसभा के 5 ब्लॉक अध्यक्षो को हटाया जाना है ।सूत्रों के हवाले से खबर यह भी आ रही है कि ब्लॉक अध्यक्षो की सर्जरी के क्रम में जिलाध्यक्ष को भी बदला जा सकता है ।

हांलाकि पार्टी के अनुभवी नेताओ का कहना है कि इतनी बडी सर्जरी नहीं हो सकती क्योंकि इससे सत्ता और संगठन में द्वंद छिड़ जाएगा । क्योंकि वर्तमान में अधिकांश ब्लॉक अध्यक्ष दोनो विधानसभा के विधायकों के काफी करीबी माने जाते है और दोनो विधयकों की नजरों में इनके परफार्मेंस रिपोर्ट बहुत अच्छी है ऐसे में संगठन अगर एकतरफा फैसला लेगा तो विधायको की नाराजगी सामने आ सकती है । फिर वही सत्ता v/s संगठन की लड़ाई यहाँ फिर से शुरू हो जाएगी ।

अगर काँग्रेस के जिलाध्यक्ष की बात करें तो मनोज सागर यादव कुंनकुरी विधायक युडी मिंज के कोटे से जिलाध्यक्ष हैं ।युडी मिंज और सागर यादव वर्षो से एकदूसरे के साथ साये की तरह साथ रहे हैं और एक साथ संघर्ष किये ।आज भी अगर युडी मिंज का सबसे ज्यादा करीबी है तो सबसे पहला नाम जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव का है ।ऐसे में अगर संगठन इनको लेकर कोई फैसला लेती है और विधयक की राय को दरकिनार करती है तो यह बताने की जरूरत नहीं कि आगे क्या होगा ?

इन परिस्थितियों को देखते हुए काँग्रेस को बीच का रास्ता निकालना पड़ेगा हांलाकि बीच का रास्ता निकालना भी कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी ।चुनौती इसलिए क्योंकि सर्जरी परिस्थियों के मूताबिक की जानी है।6 दिनों तक हर जगह के कार्यकर्ताओं की राय जानने के बाद सर्जरी का फैसला लिया गया होगा ।सामान्य बातों को लेकर जम्बो सर्जरी के फैसले नहीं लिए जाते ।संगठन प्रभारी को लगा होगा कि सर्जरी वाला उपाय संगठन को मजबूती देने में ज्यादा कारगर होगा इसलिए उन्होंने बगैर किसी लाग लपेट के कह दिया कि ब्लॉक अध्यक्षो की सर्जरी होगी । ऐसे में अगर कुछ नहीं होता है तो जाहिर है संगठन के नाराज लोगो की नाराजगी ओर बढ़ जाएगी जो संगठन के सेहत के लिए ठीक नहीं होगा ।








Advertisement

Samvad Advertisement
× Popup Image


Trending News