रायगढ़ मुनादी।।भाजपा महिला मोर्चा ने आज प्रदेश में रेडी टू ईट योजना की अनियमित्ता को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।छतीसगढ़ सरकार ने रेडी टू ईट के निर्माण का कार्य स्वसहायता समूहों की बहनों से छीनकर कृषि बीज विकास निगम को देने का दुर्भाग्यजनक निर्णय लिया है।शासन की इस गलत निर्णय से हजारों माताओं बहनों का रोजगार छीना गया है।सीधे जनता के कल्याण से जुड़े इस महत्वकांक्षी योजना का पूरे प्रदेश में बुरा हाल है।महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया है पूरी व्यवस्था बिगड़ी हुई है।आज दिए ज्ञापन में महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि रेडी टू ईट का कार्य माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अप्रैल 2022 तक पुराने स्वसहायता समूहों को दिया जाना था,किँतु राज्य सरकार उसमें असफल रही है।कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं कलेक्टर दर से मानदेय देने का संकल्प लिया था जिसे आज तक पूरा नही किया गया।प्रतिदिन बच्चों को रेडी टू ईट प्रदाय करने का न्यायालयीन आदेश है परंतु फिर भी इसमें कोताही बरती जा रही है।
कुपोषण चिंताजनक स्थित तक पहुँचते जा रहा है।सामग्री वितरण में जिस मात्रा में होनी चाहिए उतनी आपूर्ति सरकार नही दे रही है।परिवहन व्यय प्रति क्विंटल मात्र 100/-रुपये दिया जा रहा है जो बहुत कम है।
राज्य शासन ने रेडी टू ईट योजना को रेडी टू लूट योजना बना डाला है,उपरोक्त अनियमितताओं के कारण किशोरियों,गर्भवती माताओं एवं स्तनपान कराने वाली बहनों के स्वास्थ्य में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।दिए गए आवेदन में महिला मोर्चा की बहनों ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वो इस महत्वकांक्षी योजना को पटरी पर लाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदेश सरकार को दें।आज इस कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव सुनीति राठिया, , प्रदेश महिला मोर्चा उपाध्यक्ष सुषमा खलखो, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष शीला तिवारी, जिला पंचायत सदस्य गोपिका गुप्ता, जिला महामंत्री गितांजली पटनायक, दुर्गा डॉली देवांगन, कोषाध्यक्ष आरती सिंग, तारा डेहरी, नेहा देवांगन, सविता उपध्याय, मीनाक्षी मेहर, अहिल्या साहू, सरिता चौहान, बिना चौहथा, हनी मिश्रा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मंजुलता नायक उपस्थित रहीं।

