रायगढ़ मुनादी।। रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लाक के लगभग 28 आंगनगाड़ी केन्द्रों में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों व पर्यवेक्षकों की मिलीभगत से स्व सहायता समूह के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर शासकीय राशि गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम लिखे गए पत्र में कहा गया है कि छोटे छोटे बच्चों के भौतिक व शारीरिक विकास के लिये शासन का महिला बाल विकास विभाग कार्यरत है पर यह रायगढ़ जिले के पुसौर विकास खंड परियोजना अधिकारी श्रीमती राय एवं पर्यवेक्षक कविता मिश्रा की मिली भगत से निश्चिय लक्ष्मी स्वसहायता समूह के सहयोग से विगत 4 माह से रेडीटूईट, अंडा, दाल, गुड, चावल, सब्जी भोजन आदि का फर्जी रूप से वितरण बताकर लाखो के बिल बनाकर शासकीय राशि का आहरण किया गया है।
पुसौर ब्लाक के लगभग 28 आंगनबाड़ी केन्द्र जो कि कोड़ातराई, छातामुड़ा, कुंजेडवरी, जकेला, डुमरपाली, औरदा, बेलपाली, लोहरसिंह, झारमुड़ा आदि मे इन बालकों के लिये कुपोषण से दूर करने के भोज्य सामग्रियों के वितरण में निरंकुशता के साथ भ्रष्टाचार किया गया है जो कि निश्चिय लक्ष्मी स्वसहायता समूह की खुली मिली भगत से फर्जी वितरण बताकर बिल बनाया गया और शासकीय राशि का आहरण करके गबन किया गया है।
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से दूर किया जाना था पर यदि महिला बाल विकास और महिला समिति के मिली भगत से भ्रष्टाचार करके इसे कमाई का जरिया बनाया जाये तो वह राजद्रोह की श्रेणी में ही आयेगा। जिला कलेक्टर रायगढ़ को इस मामले में समिति बनाकर कार्रवाई करने की मांग की है। ताकि भ्रष्टाचार का यह मामला उजागर हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

