जशपुर मुनादि।।
बीते दिनों महकूल और रौतिया समाज को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक सिंह जुदेव के द्वारा दिए गए बयान के बाद रौतिया समाज के कांग्रेसी नेता ने कहा है कि आजादी के बाद से बहुत साल पहले तक रौतिया समाज के लोगो की जाति आदिवासी समुदाय से हुआ करती थी लेकिन एक साजिश के तहत उनके समाज को आदिवासी का दर्जा हटाकर उन्हें सारी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया । पिछड़ा बर्ग काँग्रेस ब्लॉक कमेटी कुनकुरी के अध्यक्ष विमल रौतिया ने कहा कि रौतिया समाज किसी भी क्षेत्र में किसी भी समुदाय से कमतर नही हैं चाहे स्पोर्ट हो या एजुकेशन हो या कृषि हो हर क्षेत्र में हम आगे है लेकिन संविधान के निर्माणा के पूर्व जब जातियों के लिए छांनबीन समिति बनाई गई औऱ छान बीन कमेटी जब पड़ताल के लिए आई तो राजपरिवार के द्वारा हमारे पूर्वजो से यह बोलवा दिया गया कि हम सैनिक है किसान है हम आदवासी समुदाय में शामिल नही हो सकते नतीजतन हम आज तक सुख सुवुधाओ से वंचित होकर कई सालों से आदवासी समुदाय का दर्जा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।झारखण्ड सहित अन्य प्रदेशों में आज भी रौतिया समाज को आदिवासी समुदाय का दर्जा प्राप्त है और उन्हें सारी सुवुधाये मिल रही हैं लेकिन छग के रौतिया समाज को इन सुविधाओं से मरहूम कर दिया गया।
अगर साजिश रचकर उन्हें आदिवासी समुदाय की श्रेणी से दूर नही रखा जाता और इन्हें सरकारी सुविधाएं मिलती तो यह समाज कहाँ से कहाँ बढ़ जाता । प्रदेश में अमूमन भाजपा की सरकार रही और केंद्र में भी इतने वर्षों से भाजपा की सरकार है लेकिन बावजूद इसके रौतिया समाज 20 वर्षो से सरकारी सुविधाओं को और आदिवासी का दर्जा पाने संघर्षरत हैं। समाज को भाजपा की सरकार रहते संघर्ष करना पड़ा और समाज अभी तक संघर्ष कर रहा है ऐसे में ये कहना कि समाज की हितैषी भाजपा है।

आपको बता दें कि बीते दिनों म्हकूल समाज के कांग्रेसी नेता नरसिंह सागर यादव की पत्नि को टिकट नही दिए जाने के बाद पार्टी के अंदर ही द्वंद की स्थिति निर्मित हो गयी थी ।काँग्रेस पार्टी के भीतर उपजे विवाद के बाद भाजपा के पूर्व विधायक युद्धवीर ने भाजपा को महकूल समाज और रौतिया समाज का सबसे ज्यादा हितैशी पार्टी बताया था ।

