18-January-2020


गांव की सरकार बनने घर - घर प्रत्याशी दे रहे दस्तक, जिले के सबसे बड़े ऐतिहासिक नगरी ऐसा गांव जहां राजनीतिक सरगर्मी ......कुछ ऐसा सर चढ़ कर बोल रहा ....पढें पूरी खबर ......




लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर ।

रायगढ़ जिले का सबसे बड़ा गांव कोसीर ऐतिहासिक नगरी है जहां मां कोशैलेश्वरी विराजमान है ।कोसीर गांव का सरपंच बनना बड़ी बात है ।कोसीर गांव की दूर-दूर तक चर्चा रहती है राजनीतिक नजरिए से कोसीर गांव महत्वपूर्ण स्थान है कोसीर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला गांव है और कोसीर गांव का सरपंच बनना 5 गांव के बराबर है यहां की सरपंच बनने के लिए लाइन लगी रहती है सरपंच प्रत्याशी तन मन धन से बनने के लिए टूट पड़ते हैं बड़ा गांव होने और रायगढ़ जिला में विशेष पहचान रखता है इस कारण यहां से सरपंच बनना अपने आपको धन्य मानते हैं बड़े गांव होने के कारण 20 वार्ड हैं जिसमें से 04 वार्ड में निर्विरोध पंच चुने गए हैं वार्ड क्रमांक 5 में पुष्पा जांगडे, वार्ड क्रमांक 10 में योगराम बनज , वार्ड क्रमांक 11 में तारनीस चन्द्रा और वार्ड क्रमांक 13 में श्रीमती बबीता पटेल निर्विरोध चुने गए हैं वहीं 16 वार्डों में पंच का चुनाव होना है। सरपंच पद के लिए चुनाव मैदान पर 08 लोग हैं जिसमें यशवंत कुमार लहरे ,गुहा राम कोसले ,किसनो कोसले ,महाबीर शायर, लाभो राम लहरे , टीपू प्रसाद सारथी ,श्रीमती सुनीता कुर्रे, रूपलाल कोसले अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कोसीर गांव में त्रिस्तरीय चुनाव दूसरे चरण 31 जनवरी 2020 को होना तय है । गिनती के 13 दिन और बचे हैं गांव में सरपंच पद के प्रत्याशी अपनी बात को रखते हुए अपने-अपने पक्ष में वोट मांग रहे हैं पर वर्तमान स्थिति में कोसीर गांव की आम जनता अभी तक नहीं कर सके हैं कि किसे कोसीर का मुखिया चुने किसके सर में ताज होगा यह कह पाना अभी संभव नहीं दिख रहा है । सरपंच पद के उम्मीदवार चौक - चौराहों और गांव में बैठकों में ही सीमित दिख रहे हैं आम जनता के दिलों में अभी तक नहीं पहुंच सके हैं उम्मीदवारों की मानें तो उन्हें विश्वास है कि हम इस बार जरूर कोसीर के मुखिया बनेंगे पर यह बात सिर्फ गुट - गुट में बटे नेता ही मान रहे हैं कि हमारा पक्ष अच्छा है जबकि कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो अपनी जीत के लिए एड़ी चोटी एक करने में लगे हैं ग्राम ग्राम पंचायत कोसीर अनुसूचित जाति के लिए इस बार आरक्षित है और पिछड़ा वर्ग की बोट हार जीत को तय करेगी यह बात उम्मीदवार भली-भांति समझ रहे हैं और पिछड़ा वर्ग को अलग-अलग तरीके से रिझाने में लग गए हैं पर पिछड़ा वर्ग इस बार अपने कदम को फूंक फूंक कर रख रही है और अपना वोट करना चाहती है। आम आदमी कुछ नया करने की फिराक में दिख रही है पर उनकी आवाज कोई नहीं सुन पा रहे हैं गांव की सरकार चुनने की हक हमारा है ये आम आदमी की जुबां पर है पर कुछ नया नहीं दिख रहा है आखिर क्या आवाम अपनी मनपसंद गांव का मुखिया चुन पाएंगे । सरपंच पद के दावेदारों में गुहा राम कोसले अपनी घोषणा पत्र जारी किए हैं जिसमें गांव की विकास के लिए 13 कार्यों को जिक्र करते हुए अपनी बात रखें वही महाबीर शायर अपने पामपेलेट में कहते हैं मतदान और कन्यादान अच्छा खानदान देखकर ही करना चाहिए वही यशवंत कुमार लहरे लाभो राम लहरे ,किसनो कोसले अपनी बात सीधा - सीधा घर- घर पहुंच कर रख रहे हैं अपने बातों को कौन रख पाता है यह बात तो अभी गर्भ में है पर कोसीर गांव की जनता इस बार कुछ नया करने की जहमत भी उठा सकती है और सरल सहज व्यक्ति को अपना मुखिया चुन सकती है आखिर कौन है कोसीर गांव का सरपंच बनने योग्य यह बात आम जनता तय करेगी । वही आम लोगों की माने तो किसी को भी सरपंच पद के उम्मीदवार को दुखी नहीं करना चाह रहे हैं गुमसुम है आने वाले कुछ दिनों में अपनी बेबाक बात रखने की संभावना दिख रही है ।








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