रायगढ़ मुनादी ।।
जशपुर जिले के पत्थलगांव की बहुचर्चित मंडी ज़मीन को लेकर उनके मालिक प्रमोद अग्रवाल ने मीडिया में छपी खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि हमारे जमीन के बारे में जो बातें कही गई है वह गुमराह करने वाली है उनका कहना था कि न तो ज़मीन 200 करोड़ की है और न ही इस जमीन में कोई फर्जीवाड़ा किया गया है। इस संबंध में सभी संबंधित दस्तावेज हमारे पास मौजूद हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में बेवजह लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस संबंध में मुनादी ने शिकायतकर्ता और ज़मीन मालिक के अलावा पत्थलगांव नगरपंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी से भी बातचीत की। शिकायतकर्ता अजय बंसल द्वाराबिस ज़मीन के मूल पट्टा को ही गलत बताया गया जिसपर जमीन मालिक प्रमोद अग्रवाल द्वारा मूल पट्टे का दस्तावेज दिखाया गया। उन्होंने कहा कि मूल पट्टा पर शिकायत करने वालों ने कांट छांट कर अधिकारियों को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार फिर कोर्ट ने इस मामले में हमारे पक्ष में निर्णय दिया है तो क्या उन्होंने बिना परीक्षण हमारे पक्ष में निर्णय दिया होगा ? अजय बंसल का दूसरा आरोप था कि प्रमोद अग्रवाल ने बिना परमिशन जमीन की प्लाटिंग की है, जिसपर प्रमोद अग्रवाल का कहना था कि एक एकड़ से कम ज़मीन में कॉलोनाइजर का अनुज्ञा नहीं मिलता। इस संबंध में जब हमने पत्थलगांव नगर पंचायत सीएमओ परिहार से बात की तो उन्होंने कहा की नगर पंचायत का अभी तक मास्टर प्लान नहीं बन पाया है ऐसे में कॉलोनाइजर की कोई प्रक्रिया नहीं किया जा सकता, फिर भी हम नियम देखकर ही बता पाएंगे कि इस मामले में क्या नियम है।

प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में इस जमीन को दो सौ करोड़ का बताया गया है यदि कोई मुझे इसका 10 से 15 प्रतिशत भी दे दे तो मैं संतोष कर लूंगा। उनका यह भी कहना है जो केस थाना पत्थलगांव द्वारा 2 सितंबर 2019 को खत्म कर दिया गया उसके नाम पर भी लोगो द्वारा गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की है कि इस जमीन के बारे में कुछ भी प्रकाशित करने से पहले हमारे पक्ष और दस्तावेज देख लें।


