धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज में वनों की अवैध कटाई ज़ोरों पर, वनविभाग के अधिकारी कर्मचारी बने मौनी बाबा
-धरमजयगढ़ मुनादी असलम खान--
वन विभाग द्वारा गाहे बगाहे वनों से अवैध कटाई कर कीमती चिरान के परिवहन पर कार्रवाई की खबर आते रहती है। यह खबर भी तब आती है जब मुखबिर की सूचना मिलती है। वन महकमा के मैदानी कर्मी जंगल के अंदर की हकीकत जानने कभी अंदर जाने की कोशिश ही नही करते हैं। जंगल के अंदर की खबर पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां चोरी छिपे अवैध कटाई हो रही है कुछ ऐसे है जो बिल्कुल सड़क से लगा हुआ है वन विभाग द्वारा आज तक एक भी मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नही की हैं जिसे जंगल गश्त के दौरान पकड़ा गया हो या अवैध कटाई होने के मामले सामने आए हों। इस मामले में विभाग के अधिकारी भी अवैध कटाई के मामले को एक सधे हुए अधिकारी की तरह जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच कराने की बात कही गई।

धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत जितने भी वन परिक्षेत्र हैं उनमे से छाल वन परिक्षेत्र हमेशा से सुर्खियां में रहा है, चाहे वो सुर्खियां गणेश हाथी के लिए हो या लकड़ी तस्करों के मामले में हो ,हमेशा छाल रेंज में लकड़ी तस्कर इतने सक्रिय है कि दिन में जंगल के अंदर लकड़ी काटकर इक्कट्ठा करके रखते है और रात में उसे बड़े आराम से परिवहन करते है ।

छाल रेंज में बैठे अधिकारी कभी कभार ही मुखबिर की सुचना पर तस्कर को पकड़ तो लेते है लेकिन जंगल की कटाई को रोक नही पा रहे है जबकि पेड़ कटने से हमारे वातावरण पर्यावरण ख़राब हो रहा है एवं वन्य प्राणियों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही राजस्व की भी नुकसान उठानी पडती है। तस्करों को पकड़ने से पहले पेड़ की कटाई पर विशेष अभियान चलाया जाये तो कटाई रूकने के साथ वातावरण की भी बचाव हो सकता है.लेकिन वनविभाग को कहाँ इतनी फुर्सत है जो की ये सब करेंगे उन्हें भी तो अपने काम हैं।

रविवार दोपहर को जंगल में देखा गया कि छाल रेंज आफिस से 3 किमी की दुरी एवं मेंन रोड से महज 20 मीटर की ही दुरी पर 512 आर एफ सागौन एवं बीजा प्रजाति की चार पेड़ काटकर गिराया गया है। जिसे तस्करो द्वारा बड़े ही सावधानी से छुपाया गया था तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि पेड़ को काटकर गिराया गया और उसके ऊपर सुखे पत्तों की झाडी को ढक दिया है ताकि किसी की नजर उसपर ना पड़े और मौका देख ट्रेक्टर गांव तक ले आते है। रात दिन जंगलो में चार पहिया वाहन फर्राटे भर रहे है उन्हें किसी का भी डर भय नही। गांव लाकर लकड़ी की कटाई चढ़ाई करके रात में इसकी सप्लाई करते है इधर छाल रेंज में अधिकारी अनभिग्यता जाहीर करते है।आज पेड़ों की कटाई से जंगली जानवारों रहने की व्यवस्था नही हो पा रहा है जिससे वन्य प्राणी गांव की तरफ रूख करने पर मजबूर हसीन फसलस्वरूप लोगों की जनधन को हानि पहुचा रहे है.
वर्ज़न - राजेश चैहान वन परिक्षेत्र अधिकारी छाल - अभी तक मेंरे जानकारी में नही है इसके बारे में कुछ नही कह सकता जांच करके बताऊंगा।

