जशपुर मुनादी।।
नगरी निकाय चुनाव के दरम्यान कांग्रेस पार्टी के अंदर सत्ता और संगठन को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी भी खत्म नही हुआ है इसका नमूना त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी देखने को मिल रहा है हांलाकि इस चुनाव में विवाद का नजारा हांलाकि अभी 'आम' नही हो पा रहा है लेकिन अंदर ही अंदर इस मुद्दे पर आग अभी भी लगी हुई है।परोक्ष तौर पर अंदर में क्या चल रहा है यह तो पार्टी के अंदर के लोगो को ही पता है और वही बता पाएंगे लेकिन प्रत्यक्ष में जो चल रहा है इसका नजारा पंचायत चुनाव में काँग्रेस के समर्थन में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के बैनर पोस्टर देखकर लगाया जा सकता है।काँग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के बैनर पोस्टर से संगठन के नेताओं की तस्वीर गायब है जबकि सत्ता के कई चेहरे पोस्टर की शोभा बढ़ा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य के समर्थित प्रत्याशियों के बैनर पोस्टर पर गौर करेंगे तो इसमें विधायक ,प्रभारी मंत्री, किसी अन्य मंत्री और सबसे बड़ी तस्वीर मुख्यमंत्री का है ।बड़े से बड़े पोस्टर में न तो संगठन के किसी बड़े नेता की तस्वीर है न जिले के किसी नेता कि यहां तक कि जिलाध्यक्ष की भी तस्वीर नही है। बताया जा रहा है कि संगठन और सत्ता के बीच नगरी निकाय चुनाव के दौरान बनी खाई को अभी तक पाटा नही जा सका है जिसकी तस्वीर बैनर पोस्टर में देखने को मिल रही है ।हांलाकि इस मुद्दे पर ऑन रिकार्ड कोई भी संगठन के नेता या पदाधिकारी कुछ नही बोल रहे है लेकिन ऑफ रिकार्ड ये कहा जा रहा है कि संगठन के लोग इस बात से नाराज है और उपर के नेताओं तक अपनी बात पहुंचा चुके है।
आपको बता दें कि नगरी निकाय चुनाव के दौरान सत्ता और संगठन की जिम्मेदारी तय किये जाने को लेकर जशपुर जिले में काँग्रेस पार्टी के अंदर विवाद की स्थिति निर्मित हो गयी थी और ये विवाद पार्टी कलाकमान तक जा पहुँचा था लेकिन बड़े नेताओं की मध्यस्थता के बाद निकाय चुनाव आते आते संगठन और सत्ता को लेकर छिड़ी जंग को विराम मिल गया था ।

