जशपुर मुनादी।।
भाजपा के एकक्षत्र राज वाले नागलोक में इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा की साख दांव पर है । इसके अंदरूनी वजह जो भी हों लेकिन उपरी वजह जो दिख रहा है वो ये कि इस बार यहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं में न तो वो जोश दिख रहा है न ही पुरानी एकजुटता उपर से भाजपा के मजबूत वोट बैंक कहे जाने वाले खास समुदाय का वोट भी इस बार एकमुश्त बंटता हुआ दिख रहा है ।
जशपुर के नागलोक एरिया को भाजपा का अभेद गढ़ कहा जाता है त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के लिए चुने जाने वाले या तो भाजपाई रहे या भाजपा के कट्टर समर्थक लेकिन इस बार भाजपा के किला को भेदने जहां काँग्रेस ने सीधा घेराबंदी कर दिया है वहीं एक तीसरे प्रत्याशी रामकिशुन सांझी की एंट्री ने इस घेराबंदी को और मजबूत कर दिया है।
हम बात कर रहे हैं क्षेत्र क्रमांक 14 की जहां से इस बार कांग्रेस ने जहां आम आदमी पार्टी के नेता व जाने-माने अधिवक्ता विष्णु कुलदीप को समर्थन दिया है वहीं भाजपा ने 2 बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूरे दम खम से चुनाव जीतने वाले अजय महराज को पहली बार भाजपा ने टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है तो माँझी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले 2-2 बार सरपंच और टीएसएस के मेम्बर रामकिशुन माँझी भी चुनाव मैदान में हैं ।
कहा जाता है कि कुछ दिन पहले तक इस क्षेत्र का चुनाव भाजपा और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशो के बीच था लेकिन राम किशुन मांझी की एंट्री और मांझे समाज के मिल रहे अपार समर्थन के बाद अब यहां का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है और इस त्रिकोण में ज्यादा नुकसान भाजपा का होने जा रहा है ।भाजपा को नुकसान होने का दूसरा कारण यह भी है कि इस बार इस क्षेत्र में समर्थित प्रत्याशी के समर्थन के चुनाव प्रचार करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का जबरदस्त टोटा दिख रहा है।एक तरफ चुनाव की सरगर्मी तेज हो रही है वही दूसरी ओर उतनी ही तेजी से भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ छंटती हुई दिख रही है । हांलाकि भाजपा समर्थित प्रत्याशी अजय महराज ने दो दो बार बगैर भाजपा के समर्थन के चुनाव जीतकर खुद को दो दो बार साबित किया है लेकिन पार्टी के समर्थन के बावजूद पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं का खुलकर समर्थन में न आना भाजपा के लिए संकट का सबब हो सकता है ।

