पत्थलगांव मुनादी।।
पत्थलगांव में फिर एक बार नजूल भूमि का पट्टा प्राप्त करने का अनोखा मामला सामने आया है जिसके विरोध में किसानों ने अब मोर्चा खोल दिया है जिसे लेकर आजाक (टीएसएस)सेवा सहकारी समिति द्वारा अब आपत्ति लगाई जा रही है वहीं कैबिनेट मंत्री रामपुकार सिंह ने भी इसे पूर्णतः गलत बताते हुए भूमि को आजाक समिति को प्रदाय करने की बात कही है उन्होंने इसे किसानों का हक बताया एवं प्रशासन के रवैये पर असहमति जताई । दरअसल मामला सत्यनारायण मंदिर के सामने वाली नजूल भूमि का है जहां आजाक सुसायटी के पुराने गोदाम में किराना,होटल का व्यवसाय करने वालों ने कब्जा कर लिया था जिसके बाद किसानों ने केश लड़कर इसे खाली कराया था और तात्कालीन तहसीलदार ने अतिक्रमण भी ढहा दिया था और आजाक सुसायटी के पक्ष में फैसला हुआ था साथ ही हाईकोर्ट में भी सुसायटी की जीत हुई जिसके बाद सुसायटी द्वारा जिला कलेक्टर को 1 साल पहले पट्टे के लिए आवेदन दिया गया जिसके बाद पत्थलगांव एसडीएम न्यायालय द्वारा पट्टा प्रदाय हेतु अनुशंसा सहित समस्त प्रतिवेदन सह नगर पंचायत की एनओसी भी जिला कार्यालय भेजी जा चुकी है और प्रकरण लंबित है जिसकी मांग तात्कालीन कलेक्टर से कुछ दिन पूर्व ही प्रवास के दौरान मंडी में किसानों ने की थी जिस संबंध में पूर्व कलेक्टर प्रियंका शुक्ला द्वारा सारी कार्रवाई की जा चुकी है किंतु तत्समय में विधानसभा चुनाव होने के कारण पट्टा प्रदाय न हो सका जो लंबित है । लेकिन अब उसी भूमि के पट्टे हेतु 2 व्यापारियों द्वारा आवेदन किया गया है जिस संबंध में इश्तहार का प्रकाशन किया गया है जो मामला समझ से परे है क्योंकि जब उस भूमि के संबंध में शासकीय सुसायटी को पट्टा देने प्रक्रिया हो चुकी है तो जिला कार्यालय को प्रथमदृष्टया दूसरे आवेदन को खारिज कर देना चाहिए ।
किसान लगाएंगे आपत्ति
व्यवसायियों के आवेदन पर इश्तहार प्रकाशन के बाद आजाक(टीएसएस) समिति सहित युवक कांग्रेस एवं अन्य किसानों ने इस पर आपत्ति करने की बात कही है किसानों का मानना है कि इस तरह के प्रकरण सामने आने से जिला कार्यालय पर सवाल खड़े होते हैं जहां कुछ लोग ऐसे खेल को अंजाम देते है जबकि मामला किसानों से जुड़ा है ।
भूमि किसानों की रामपुकार सिंह
इस मसले पर केबिनेट मंत्री रामपुकार सिंह ने कहा कि पूर्व से भूमि पर टीएसएस आजाक सोसाइटी का कब्जा है जिसका वास्तविक हकदार समिति है अगर इस तरह से कार्य हो रहे हैं तो जरूर मैं अधिकारियों से बात करता हूं गलत कार्य नही होने दिया जाएगा यह प्रक्रिया गलत है।

