रायगढ़ मुनादी।
गत दिवस शहर के मारवाड़ी पंचायती धर्मशाला से तीन लोगों को संदिग्ध वन्य जीव के अवशेष के साथ पकड़ा गया था। कोतवाली पुलिस की यह कार्रवाई थी। वन्य जीव के अवशेष के साथ तीनो आरोपियो को कोतवाली पुलिस द्वारा वन विभाग के सुपुर्द कर दिया इसके बाद आज वन विभाग द्वारा संदिग्ध वन्य जीव अवशेष को बेचने की फ़िराक में पकड़े जाने और पुलिस द्वारा वन विभाग को सौंपे जाने में बाद वन्य प्राणी अधिनियम के तहत पीओआर दर्ज कर न्यायलय में में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
खास बात ये है कि रायगढ़ वन मण्डल के आला अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना रवैया हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है और वर्तमान में प्रभारी डीएफओ की कार्य प्रणाली को देखते हुए भी यही लगता है कि उनके क्षेत्र में जिस तरह से एक के बाद एक वन अपराध घटित हो रहे हैं लेकिन उनके कानों पर मानो जूं तक नही रेंग रही है।

पकड़े गए आरोपी अजित तिग्गा, दिलीप यादव, हेतराम निषाद सहित जप्त किये गए संदिग्ध दांत को वन विभाग के सुपुर्द किया जहां से आरोपियो को न्यायलय से जेल भेज दिया गया। अब इस मामले की सूक्ष्म जांच की बात रेंजर राजेश्वर मिश्रा द्वारा कही गई है। अब इस मामले में किस तरह जांच होती है आने वाले दिनों में पता चलेगा।


