30-January-2020


दूसरे चरण के मतदान से पहले बीजेपी का काँग्रेस और प्रशासन पर बड़ा हमला ,जारी किया प्रमाण, कहा-प्रशासन काँग्रेस की कर रही एजेंटी….देखिए प्रमाणित दस्तावेज और पढिये पूरी खबर



रायगढ़ मुनादी

31 जनवरी को द्वितीय चरण के होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने काँग्रेस और प्रशासन के विरुद्ध गम्भीर आरोप लगाए हैं।भाजपा का कहना है कि ईवीएम के विरोध की आड़ में काँग्रेस बैलेट पेपर के जरिये भारी हेराफेरी कर पंचायतों में पिछले दरवाजे से सरकार बनाने की जुगत में जुट गई है और प्रशासन काँग्रेस पार्टी की एजेंट की तरह काम कर रहा है।
भाजपा नेता आलोक सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कांग्रेस के ईवीएम विरोध के कारणों का छतीसगढ़ में पर्दाफास हो गया है। नगरीय निकाय चुनाव में पिछले दरवाजे से जनमत चुराने के बाद अब कांग्रेस त्रिस्तरीय चुनाव में भी बैलेट पेपर गणना में हेराफेरी कर जिला पंचायतो,पंचायतो और सरपंच पदों पर कब्जा करने के फिराक में है।निर्वाचन आयोग की सुस्ती और जिलाप्रशासन का कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के एजेंट के रूप में काम करने से यह तय हो गया है कि वो जनमत भाजपा समर्थित उम्मीदवारों से छीन कर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को देने की मानसिकता में है

उक्ताशय का दस्तावेजी प्रमाण देते हुए हुए भाजपा नेता आलोक सिंह ने कहा है कि मतदान स्थल पर ही देर रात तक चलने वाली बैलेट पेपर की गिनती में जम कर हेराफेरी की जा रही है । कही लाइट गोल कर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के व्होट की संख्या बढ़ाई जा रही है तो कही गिनती में मतदान से ज्यादा व्होट की गिनती कर कांग्रेस उम्मीदवार को जिताया जा रहा है।
गिनती में मतों की हेराफेरी के मकसद का दस्तावेजी प्रमाण देते हुए आलोक सिंह ने कहा है कि अलग अलग मतगणना स्थल पर मतगणनावअधिकारी प्रत्याशियों को अलग अलग तरह की गणना पर्ची दे रहे है। नियमानुसार गणना पश्चात प्रत्याशी या उसके द्वारा नियुक्त प्रतिनधि को जो गणना पर्ची मिलनी चाहिए उसमे चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों को मिले मत का अलग अलग क्रमवार व्योरा होना चाहिए। इसके लिए उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा छपा हुआ प्रपत्र दिया गया है। इसी प्रपत्र में विधिमान्य मत की संख्या, और निरस्त मत की संख्या और मतदान हुए कुल मत की संख्या दर्ज की जानी चाहिए ताकि प्रत्याशी सैकड़ो दूर दराज क्षेत्रो में हो रहे मतगणना का मिलान कर सके। पर सत्ता के मद में बौराये भूपेश बघेल सरकार के अधिकारी सारे नियमो को ताख पर रख कर प्रत्याशी को केवल उसको मिले मत की संख्या दर्ज कर रहे है और आपत्ति करने पर दुर्व्यवहार की शिकायतें भी मिल रही है।


आलोक सिंह ने कहा है कि गैर कांग्रेसी समर्थित प्रत्याशियों को आधी अधूरी जानकारी दे कर न केवल निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया का मजाक उड़ा रहे है बल्कि इसकी आड़ में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के हार को जीत में बदलने की कहानी लिख रहे है।
धरमजयगढ़ (2) निर्वाचन क्षेत्र में हुए मतगणना में अनियमितता का दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराते हुए आलोक सिंह ने जलडेगा की मतगणना पर्ची का हवाला दिया है जिसमे भाजपा समर्थित प्रत्याशी संतोष कुमार बैगा को उसके मतों की संख्या के अलावा बाकी प्रत्याशियों की कोई जानकारी नही दी गई है। जबकि इसी प्रत्याशी को प्राथमिक पाठशाला बताती से मिले मतगणना पर्ची में सभी प्रत्याशियों का पूरा व्योरा दर्ज है। आलोक सिंह ने पूछा है "एक मतदान दो विधान" आखिर किस मंशा से लागू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई अकेला मामला नही है बल्कि जानबूझ कर चिन्हांकित जगहों पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की नीयत से यह धांधली कर रही है। धरमजयगढ़ के ही निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक दो में भाजपा समर्थित प्रत्याशी श्रीमती रजनी राठिया के गणना प्रतिनिधियों को चिन्हांकित गणना स्थलों पर गणना पर्ची ही देने से इनकार कर दिया गया। प्रतिनिधियों की आपत्ति पर उन्हें घुड़की दे कर कहा गया कि जाओ कलेक्टर से शिकायत करना।
एक साल में ही अपना जनाधार खो चुकी कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव में सरगुजा छोड़ किसी नगरनिगम में स्प्ष्ट बहुमत प्राप्त नही किया मगर जनचर्चा के मुताबिक निर्दलीयों को घुड़की और लोभ के सहारे मतदान स्थल पर उनके मतदान की फ़ोटो खिंचवा सभी नगर निगमो पर कब्जा कर लिया। अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वह दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के मतगणना में धांधली कर जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों में अपना कब्जा करना चाहती है।








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