मदरसा अहमदिया सबिरिया में मना यौमे जम्हूरीया साझी संस्कृति की दिखी झलक संविधान के प्रस्तावना का हुआ वाचन
रायगढ़ मुनादी
मदरसा अहमदिया सबिरिया मधुबन पारा रायगढ़ में यौमे जम्हूरीया ( गणतंत्र दिवस) बड़ी शानो शौकत से मनाया गया.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ.राजू अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि मनीष सिंह (जनमित्रम)मौलाना गुलाम मुस्तफा सिब्तैनी (पेशईमाम जामा मस्जिद)गुरविंदर सिंह घई (प्रतिनिधि गुरुसिंह सभा) इनोसेंट कुजूर (प्रतिनिधि मसीही समाज) थे.सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा झंडा फहराया गया.

इस अवसर पर वयोवृद्ध समाजवादी चिंतक शिवशरण पांडेय,वासुदेव शर्मा,जयप्रकाश अग्रवाल आर के शर्मा जी पी मिश्रा याद राम बंजारे मदन पटेल आर पी तिवारी हाफिज अताउन्नबी साबरी मौलाना रजाऊल हक़ साबरी हाजी मोहम्मद मुबीन हाजी सय्यद गजनफर अली हाजी शेख मुबस्सिर हुसैन हाजी गुलाम रसूल हाजी मुंशी रज़ा मोहम्मद नवाब पार्षद मोहम्मद जावेद मेराज टाक मोहम्मद शमशाद सुनील जान गुलाम रहमान खान एड्वोकेट मोहम्मद असलम एड्वोकेट शेख ताज़ीम राजेंद्र वैष्णव सेत राम पटेल विशम्भर पटेल नेपाल यादव अख़लाक़ खान अनीस खान शेख अब्दुल्लाह (अतीक) फैज़ल अहमद मोहम्मद वाज़िद इमरान बख्स आफ़ताब सैय्यद आरिफ सहित सैकड़ों लोगो की उपस्थिति रही.इस अवसर पर मनीष सिंह, वासुदेव शर्मा ,मौलाना गुलाम मुस्तफा सिब्तैनी इनोसेंट कुजूर,समाजवादी चिंतक

शिवशरण पांडेय एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राजू अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किये. वक्ताओं ने कहा कि देश को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी दिलाने वाले महापुरुषो ने आज़ादी के साथ साथ 26 जनवरी 1950 को हमे विश्व का एक बेहतरीन संविधान भी दिया हमे इसकी मूल भावनाओ का संम्मान करते हुए संविधान को हमे इसे आत्मसात करना है. दुर्भाग्य से इस समय देश में संविधान की मूल भावना पर ही प्रहार हो रहा है इस कुत्सित प्रयास का हम सब को पुरजोर विरोध करना है. देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले आज़ादी के दीवानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हम सब को संविधान की सर्वोच्चता को बनाये रखना है. कार्यक्रम के अंत में संविधान की प्रस्तावना का वाचन शेख कलीमुल्लाह वारसी सदर मदरसा अहमदिया सबीरिया ने किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों व अतिथियों का आभार शेख अतहर हुसैन साबरी द्वारा किया गया

