जशपुर मुनादी//
बीते 2018 के विधानसभा चुनाव में कुनकुरी और जशपुर विधानसभा में भाजपा का सूपड़ा साफ कर देने वाली काँग्रेस महज सवा साल बाद हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अबतक अपना खाता नही खोल पायी है ।14 जिला पंचायत सदस्यों के लिए दो चरणों मे जशपुर के सभी 5 और कुनकुरी विधानसभा के 3 डीडीसी चुनाव के आये नतीजों में अब तक काँग्रेस शून्य पर है याने जिले की सरकार में शामिल होने के लिए अभी तक काँग्रेस की बोहनी भी नही हुई है ।इस चुनाव में काँग्रेस समर्थित प्रत्याशी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों से काफी पीछे रह गए हैं ।कुनकुरी विधानसभा और पत्थलगाँव विधानसभा के 6 डीडीसी पदों के लिए आगामी 3 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होना है और चुनाव में भाजपा जिस हिसाब से फार्म में दिख रही है उस हिसाब से काँग्रेस अभी से ही भारी संकट में दिखने लगी है ।दो चरणों मे हुए 8 डीडीसी पदों के लिए हुए चुनाव में सभी 8 सीटों पर भाजपा की बढ़त को जिले में भाजपा की तेज लहर से जोड़कर देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि इस लहर की आँच 3 फरवरी को होने वाले चुनाव में भी पड़ सकती है ।
बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव से पहले आपस मे फुट की शिकार हई भाजपा ने इस बार आपसी गठबंधन की ऎसी नीति बनाई की कांग्रेस को चारों खाने चीत होना पड़ा ।जो काँग्रेस महज सवा साल पहले पूरे धूम धडाके के साथ कुनकुरी और जशपुर से दो विधायको की सीट लिया था उस कांग्रेस को अबतक खाते खुलने नसीब नही हो रहे हैं।
बहरहाल जिला पंचायत के आधे से अधिक क्षेत्रो के परिणाम आ चुके है बाकी 6 सीटों पर चुनाव होने बाकी है देखना ये होगा कि काँग्रेस जिले में अपनी लाज बचा पाने में कामयाब हो पाती है या फिर काँग्रेस जशपुर में घरवापसी की ओर है।

