बस्तर मुनादी।।
दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने शनिवार को एक गोपनीय सैनिक की मुखबिरी करने का आरोप लगाकर गला रेत कर हत्या कर दी। वहीं पुलिस मृतक को ग्रामीण बता रहे है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मोहन भास्कर (23) पिता लखमा भासकर, जो जिले के ग्राम निलावाया पटेल पारा ,थाना अरनपुर का निवासी था।

सूत्रों के अनुसार मृतक DRG का जवान था लेकिन दंतेवाड़ा पुलिस ने इस बात से साफ इंकार करते हुए कहा है कि मृतक छत्तीसगढ़ पुलिस का जवान नहीं था बल्कि ग्रामीण था जो बीते कुछ माह से पोटली के पुलिस कैंप में रह रहा था क्योंकि नक्सली मृतक को मुखबिरी का आरोप लगाकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

पुलिस के अनुसार 2016 में मृतक मोहन भास्कर बस्तरिया बटालियन के प्री रिक्रूट कैंप में हिस्सा लिया था पर उसका इलेक्शन नहीं हुआ। उसके बाद मोहन नक्सलियों के डर से 2016 से जून 2019 तक जगदलपुर में रहा और पोटली में नया पुलिस कैंप खुलने के बाद वह गांव में न रहकर कैंप में रहने लगा। तीन दिन पहले मृतक अपने गांव गया जहां बीती रात नक्सलियों ने मृतक को उसके गांव नीलवाय से मुखबिरी का आरोप लगाते हुए अपहरण कर लिया और आज शनिवार सुबह उसकी लाश गांव के बाहर सड़क किनारे पाई गई।
मोहन भास्कर के सोशल मीडिया अकाउंट में वर्दी और हथियारों के साथ फोटो होने के सवाल पर पुलिस ने कहा कि मृतक कैंप में रह रहा था जहां उसकी दोस्ती पुलिस व DRG के जवानों से थी, पुलिस मृतक को कोई हथियार नही दिया गया था।
मृतक के हथियार के साथ फोटो कैसे लिए गए और पुलिस के किन जवानों ने उसे अपने हथियार दिए, यह जांच का विषय है कि उसके हाथ में हथियार कैसे आए जिसकी जांच की जाएगी और साथ ही इसके आदेश भी जारी किए जायेंगे। पुलिस ने मृतक को गोपनीय सैनिक मानने से इनकार नहीं किया है।

