रायगढ़ मुनादी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले देश भर के बैंक कर्मचारियों की अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल का जन मानस पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी एटीएम के ड्राई होने की वजह से आम उपभोक्ताओं को खासी परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से लोग नकदी के लिए परेशान होते रहे खास तौर पर ऐसे जो ऑन लाइन ट्रांसेक्शन का इस्तेमाल नही करते है। बैंक हड़ताल की वजह से कारोबार पर भी इसका असर पड़ा है। हजारो करोड़ के टर्नओवर प्रभावित हुई है।

दरअसल बैंक यूनियन संघ द्वारा अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले काफी समय से संघर्षरत है लेकिन लगातार उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इन्ही प्रमुख मांगो को लेकर बैंक यूनियन दो दिनों की हड़ताल पर चले गए इससे देश भर की बैंक शाखाओं में कामधाम पूरी तरह प्रभावित हुवा है। यही नही अगर जल्द ही इनकी मांगो को लेकर कोई निर्णय नही लिया गया तो आने वाले मार्च माह में फिर से हड़ताल की चेतावनी पहले ही दे चुके हैं।
बैंक यूनियन की मांगों में वेतन वृद्धि से लेकर कार्यदिवस, बेसिक पे में स्पेशल भत्ते के विलय, एनपीएस खत्म करने, पेंशन अपडेट से लेकर परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार सहित स्टाफ वेलफेयर फंड को लेकर जो मांगे है उस पर भी कोई ध्यान नही दिया गया जिससे संघ में आक्रोश है। इसके अलावा और भी कई मांगे हैं जिसमे रिटायर होने पर मिलने वाली राशि को आयकर से बाहर रखने की मांग है दरअसल सेवा निवृत्त पर मिलने वाली फंड को भी आयकर के दायरे में लाने से बैंक यूनियन में आक्रोश है। इसके अलावा और भी कई मांगे है जिसमे शाखाओं में कार्यो की घंटो और लंच समय की सही बटवारे की मांग है और कॉन्टेक्ट और करेस्पांडेंट के लिए समान वेतन की मांग की गई है। यदि मांगो
पर कोई विचार नही किया जाता है तो मार्च माह में 3 दिवसीय और फिर अप्रैल माह में अनिश्चितत कालीन आंदोलन पर बैंक यूनियन हड़ताल पर चले जायेंगे
देश भर की भांति शहर में भी बैंक यूनियन के कर्मचारी शहर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनरत रहे। सड़को पर तख्तियां लेकर अपनी मांगों का ध्यान आकृष्ट कराया।

