कोसीर मुनादी। लक्ष्मी लहरे
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण 31 जनवरी को ग्राम कोसीर में चुनाव संपन्न हुआ। लोकतंत्र की उत्सव चुनाव में मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और देर रात 07 बजे तक मतदान होती रही 4007 मतदाता थे जिसमें 3022 मतदाताओं ने उत्सव में भाग लिया और चुनाव मैदान में उतरे 08 प्रत्याशियों को वोट किए जिसमें गांव की सरकार के रूप में युवा हस्ताक्षर लाभो राम लहरे पर विश्वास जताए और लाभो राम लहरे ने 1395 लोगों का अभिमत हासिल कर लोकतंत्र की उत्सव चुनाव में गांव का मुखिया बन गया। वही अपने प्रतिद्वंद्वियों को करारी हार का सामना करना पड़ा गांव की सरकार बनाने के लिए प्रत्याशी अपनी दांवपेच किए पर कोसीर की सुलझे मतदाताओं ने अपना वोट किया और गांव की सरकार बनने के लिए लाभो राम लहरे पर विश्वास जताया चुनावी मैदान में उतरे कई प्रत्याशियों ने गांव की सरकार बनाने के लिए लोक लुभावन घोषणाएं भी किए थे जिसे मतदाताओं ने नजरअंदाज किए प्रत्याशियों ने तो मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरा इंतजाम कर लिया था पर मुंगेरीलाल की हसीन सपनों जैसा था ? और अंत में लोगों ने टिकाऊ पर विश्वास किए और अपना मुखिया युवा हस्ताक्षर लहरे को स्वीकार किया गया। मैदान पर उतरे प्रत्याशियों को अपनी हार का मंथन करना चाहिए हार का ठीकरा किसी के सर मढ़ने से बेहतर है खुद को बेहतर साबित करना और भविष्य में बेहतर साबित करना बुराई से बुराई बढ़ती है घृणा से घृणा और प्रेम से प्रेम इस बात को मनुष्य को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।
ग्राम पंचायत कोसीर रायगढ जिले का सबसे बड़ा गांव है यह गांव इतिहास की दृष्टि से ऐतिहासिक नगरी है जहां मां कौलेश्वरी कि पुरातात्विक मन्दिर है ।सही मायने में देखा जाए तो यह गांव नगर पंचायत योग्य होते हुए भी ना बन सका ना विकासखंड बन सका। यहां लंबे समय से कॉलेज की मांग होती रही है पर ना हो सका वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पिछडा नजर आता है यहां विकास कैसे होगा ? इस अंचल में यही एक बड़ा गांव है लोग ताकते रहते हैं कि कोसीर में क्या चल रहा है यहां का मुखिया होना सौभाग्य की बात होती है । 2020 में बने नए मुखिया को अब बहुत कुछ खास करना होगा पिछले वर्षों में रहे मुखिया से अब बेहतर करना होगा तभी नए चेहरे नए विचार के लोगों को भविष्य में मुखिया बनने का मौका मिलेगा। कोसीर की आम जनता चाहती है गांव विकास करें कोसीर गांव की गलियां नाली में तब्दील हो रही है तालाबों का अस्तित्व खतरे में है सरकारी जमीनों की रखरखाव हो स्कूली शिक्षा बेहतर हो और अनेक बातें ऐसी है जिस पर सुधार हो सकता है अब गांव के मुखिया को पिछले वर्षों के कार्यकाल से बेहतर काम करना होगा गांव की तस्वीर बदलनी होगी एक बेहतर काम कि गांव में अब शुरुआत हो ,,

