02-February-2020


इस क्षेत्र में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, साल भर में लोगों ने क्यों छोड़ दिया साथ ? ऐसी क्या बात हुई .....पढिये पूरी खबर



रायगढ़ मुनादी।।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में तमनार और घरघोड़ा क्षेत्र में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। कहा जाता है कि यहां हारने वाले ज्यादातर कैंडिडेट खनन उद्योगपतियों के समर्थक थे। DDC से लेकर BDC तक इस पार्टी को कुछ खास हाथ नहीं लगी। यहां तक कि घरघोड़ा और तमनार जनपद पंचायत में भी उनके हाथ खाली रहे।

कहा जाता है कि कांग्रेस के नेताओं का खनन उद्योगों का समर्थन उन्हें महंगा पड़ गया। हालांकि भाजपा तो उद्योगपतियों की समर्थक ही है लेकिन जिस पार्टी के बड़े नेता उद्योगपतियों के नाम लेकर भाजपा पर आरोप लगाते हैं उनके स्थानीय नेता उनकी तरफदारी में लगे हैं यही कारण है कि लोगों ने उन्हें पसंद नहीं किया।

तमनार में जनपद पंचायत के 20 सीट हैं जिसमें 10 में भाजपा, 6 कांग्रेस और 4 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। वहीं घरघोड़ा में भी ऐसे ही हालात हैं। घरघोड़ा में भाजपा 6 जनपद पंचायत क्षेत्रों में जीती है वहीं 3 पर कांग्रेस को संतोष करना पड़ा और 3 पर निर्दलीयों ने बाजी मारी है। वहीं जिला पंचायत क्षेत्रो में भी कांग्रेस के तीनों जिला पंचायत प्रत्याशियों ने हर की मुंह देखी।

खनन कंपनियों की लगातार क्षेत्र में अवाक बढ़ रही है, लोग अपने घरों और ज़मीनों के जाने को लेकर लोगों में घर कर रहे आशंका के बीच जब स्थानीय लोगों ने सत्ताधारी नेताओं की ओर देखा तो वे उद्योगों के साथ खड़े नजर आए। ऐसे में जिन लोगों ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी मतों से विजय बनाया था उन्होंने पार्टी से मुंह मोड़ लिया लिहाजा पार्टी को यहां सिफर हाथ लगा।








Advertisement

Samvad Advertisement
× Popup Image


Trending News