जशपुर मुनादी।।
जशपुर जिले में महिला बाल विकास विभाग को लेकर रोज कुछ न कुछ देखने को मिल जाता है उस पर भी बगीचा के इस विभाग के अपने कारनामे है। जहां विभाग के प्रभारी अधिकारियों के ऊपर आरोप अक्सर लगते आ रहे हैं। पर इस बार एक नया कारनामा हुआ है इस बार एक सुपरवाइजर के पति ही अब अधिकारी की भूमिका में है, और इसकी कलई खोली है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने।
दरअसल पूरा वाक्या यह है कि सेक्टर भितघरा और बिमडा के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बगीचा एसडीएम को शिकायती पत्र दिया है जिसमे कार्यकर्ताओं ने सेक्टर सुपरवाइजर सीता साहू के द्वारा कोई भी विभागीय काम नहीं करने की जगह, उनके पति के द्वारा किये जाने के आरोप लगे हैं। शिकायती पत्र में कहा गया है कि सेक्टर सुपरवाइजर के पति के द्वारा निरीक्षण, मीटिंग तक का कार्य किया जाता है। यहां तक की विभागीय मासिक बैठक और जानकारी भी सुपरवाइजर पति के द्वारा लिया जाता है, जिससे हम महिला कार्यकर्ताओं को परेशानी होती है। आगे कार्यकर्ताएं कहती है कि बात इतनी ही नहीं सुपरवाइजर के पति के द्वारा गाली गलौज भी किया जाता है, तथा सुपरवाइजर पति के द्वारा रेडी टू ईट भी हर महीने कम मात्रा में दिलाया जाता है, तथा किसी प्रकार के सवाल या शिकायत करने पर कार्यवाही कराने की धमकी दी जाती है। वहीं निरीक्षण के बहाने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास से चावल, दाल, तेल, चना भी उठाकर सुपरवाइजर पति के द्वारा ले जाया जाता है।
इन सब के बीच भी विभाग के बड़े बड़े दावे हैं कहीं कुपोषण और सुपोषण की बात की जाती है, पर जैसे ही ये चीजें कागजों से निकलकर हालातों और आंगनबाड़ी की दशाओं से टकराती है, तो ढाक के तीन पात से ज्यादा कुछ न होकर मामला और योजनाएं की कहें तो सिफर में पहुँच जाती है। अब इन हालातों के मद्देनजर कुछ अच्छा कहने बताने के लिए कुछ होता भी नहीं कि सब कुछ के बावजूद बेहतरी का प्रयास ही कुछ पर्याय बनकर दिख जाए।

