माननीय सत्र/विशेष न्यायाधीश ने अनाचार के आरोपियों को दी आजीवन कारावास की सजा।
सूरजपुर: दिनांक 17.03.2019 को प्रतापपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिक लड़की अपने घर से सामान लेने मार्केट गई थी जहां से सामान लेकर वापस घर आ रही थी उसी दौरान आरोपी गीता प्रसाद राजवाड़े व बाल नारायण उर्फ लोली राजवाड़े मोटर सायकल से आए और पीड़िता को जबरन खींचकर मोटर सायकल में बैठाकर जंगल में ले गए और जबरन अनाचार किए एवं पीड़िता को जंगल में छोड़कर भाग गए। पीड़िता जंगल में घुमते-घुमते नजदीक के गांव पहुंच गई जहां खेत में काम कर रहे एक महिला से मिली और पीने के लिए पानी व खाना मांगी तब उस महिला ने पीड़िता को खाना व पानी दिया और पूछताछ की जिस पर पीड़िता ने अपनी जानकारी दी जिसके आधार उक्त महिला ने पीड़िता के माता-पिता के पास मोबाईल से खबर किया। पीड़िता के परिजन वहां पहुंचे और उसे वापस अपने घर ले गए। घटना की पूरी जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दिया और थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट किए जाने पर अपराध क्रमांक 51/19 धारा 366, 376(घ), 34 भादवि व पास्को एक्ट की धारा 6, एसटीएससी एक्ट की धारा 3(2-व्ही) के तहत् मामला पंजीबद्ध किया एवं मामले की अग्रिम विवेचना हेतु प्रकरण की डायरी थाना अजाक सूरजपुर को भेजा। प्रकरण की विवेचना डीएसपी अजाक बालसाय केरकेट्टा के द्वारा किया गया एवं प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश किया था।
इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश श्री हेमंत सराफ माननीय सत्र/विशेष न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुये पीड़िता, गवाहों के कथन, डाॅक्टरी मुलाहिजा एवं एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बाल नारायण उर्फ लोली राजवाड़े एवं गीता प्रसाद राजवाड़े को धारा 363, 34 भादवि में 1-1 वर्ष कठोर कारावास 2-2 सौ रूपये अर्थदण्ड, धारा 366, 34 भादवि में 3-3 वर्ष कठोर कारावास एवं 2-2 सौ रूपये अर्थदण्ड, 376(घ) भादवि में 20-20 वर्ष कठोर कारावास एवं 2-2 सौ रूपये अर्थदण्ड, पास्को एक्ट की धारा 6/34 में 10-10 वर्ष कठोर कारावास एवं 2-2 सौ रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 3(2)(व्ही) एसटीएससी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 2-2 सौ रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया है।

