जशपुर(नागलोक)मुनादी//
जशपुर जिले के डीडीसी क्षेत्र क्रमांक 14 में हुई भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद चुनाव में "भीतरघात" का मुद्दा जहाँ गरमाने लगा है वही भितरघातियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की मांग उतनी शुरु हो गयी है ।
भाजपा का अभेदगढ़ कहा जाने वाला जशपुर जिले के नागलोक(क्षेत्र क्रमांक 14)में हुई भाजपा समर्थित प्रत्याशी अजय महराज की हार का कारण अब पार्टी के भितरघातियों को माना जा रहा है जो परोक्ष तो परोक्ष प्रत्यक्ष रूप से पार्टी लाईन से हटकर पार्टी समर्थित प्रत्याशी के विरोध में काम कर रहे थे नतीजतन भाजपा परपरागत सीट को हार गई ।
हार के नतीजे आने के बाद पार्टी समर्थित कार्यकर्ता सोशल मीडिया में भड़ास निकालने लगे है और उन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग कर रहे हैं जिन्होंने पार्टी लाईन से बाहर जाकर काम किया ।खुद भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने कमेंट बॉक्स में लिखा है- "जमजर भीतरघात हुआ है "जबकि पार्टी से जुड़े लोग यह भी लिख रहे है कि पार्टी के लोग खुलकर विरोधी दल के द्वारा समर्थित प्रत्याशियों का खुलकर प्रचार प्रसार कर रहे थे जिनपर न तो पार्टी के नेताव का कोई नियंत्रण था न ही पार्टी के नेताओ ने इस तरफ कोई रूचि दिखाई परिणाम ये निकला कि जिस सीट पर अनसेकुलर प्रत्याशी जीतते रहे उस क्षेत्र में सेक्युलर चेहरा चुनाव जीत गया ।यहां तक कि इस डीडीसी क्षेत्र में डीडीसी पद केलिए खड़े लगभग सभी उम्मीदवारों ने अपने गृहग्राम से ेेजबरदस्त बढ़त बनाये लेकिन भाजपा समर्थित प्रत्याशी अजय महराज को उनके गृहग्राम तपकरा में विष्णु कुलदीप से काफी पीछे रहना पड़ा जो आश्चर्य का विषय है इससे भीतरघात का अंदाजा लगाया जा सकता है और इस बात का भी अंदाजा लगा लीजिए कि भीतरघात कितना मजबूत था ।
बहरहाल,सोशल मीडिया में भितरघातियों को पार्टी से हटाने की मांग तो की जा रही है लेकिन भितरघातियों को चिन्हित नही किया गया है ।इनका कहना है कि भितरघातियों की सूची तैयार की जा रही है सूची को सीधे पार्टी के आला कमान तक भेजा जाएगा।

