05-February-2020


Munaadi breaking - जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रुकवाने भाजपा जाएगी कोर्ट, प्रशासन पर लगाया धांधली करने का आरोप, पार्टी ने कहा ……… पढ़िए पूरी खबर



रायगढ़ मुनादी।।

जिले में जिला पंचायत के अध्यक्ष एवम उपाध्यक्ष के निर्वाचन पर कानूनी गाज गिरने और पूरी प्रक्रिया पर स्टे लेने भाजपा कोर्ट का रुख करने का मन बना रही है। मतगणना प्रक्रिया में कथित धांधली के खिलाफ आधा दर्जन भाजपा समर्थित प्रत्याशी कोर्ट का रुख करेंगे ऐसा बताया जा रहा है।

हालांकि जिला निर्वाचन अधिकारी को आवेदन करते हुए पुनर्मतगणना की मांग कर दी गई है। इस मामले की पहल करते हुए निर्वाचन क्षेत्र 24 धरमजयगढ़ (03) के प्रत्याशी संतोष बैगा ने जिला निर्वाचन अधिकारी के पास लिखित आपत्ति दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मतगणना अधिकारी द्वारा मतगणना कार्य मे गम्भीर अनियमितता की गई है। जिला भाजपाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने स्वीकार किया है कि त्रिस्तरीय जिला पँचायत चुनाव में धांधली की लिखित शिकायत उनके पास भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने की है। जिला भाजपा ने प्रथम चरण के बाद ही इस बात की शिकायत मय सबूत जिला निर्वाचन अधिकारी एवम राज्य निर्वाचन आयोग के पास कर दी थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी को इस बाबत नियम पालन करवाने संबंधित निर्देश भी दिया था। लेकिन भाजपा ने आरोप लगाया है कि दो चरणों मे कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव जिताने में सहयोग करने वाले अधिकारियों के तीसरे चरण में भी सत्तारूढ़ दल को बेजा लाभ पहुचाते रहे।

अब जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी प्रशासनिक सहयोग से बहुमत पा चुके है अब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव रुकवाने भाजपा कानूनी रास्ता अख्तियार करने का विचार कर रही है। प्रथम चरण में जिला निर्वाचन अधिकारी से प्रत्याशी पुनर्मतगणना की मांग करंगे और उनका आवेदन स्वीकार नही होने पर कोर्ट से पुनर्मतगणना और प्रकरण के निपटारे तक जिला पंचायत अध्यक्ष एवम उपाध्यक्ष निर्वाचन पर रोक लगाने की माग करेंगे।

भाजपा नेता आलोक सिंह ने मतगणना प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा प्रशानिक अधिकारियों ने मतगणना के दौरान उन क्षेत्रों की निगरानी रखी जहां चुनावी मुकाबला कांटे का था। वहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जिताने के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष के बहुतायत मत पत्रों को अकारण निरस्त मतों की गिनती में शामिल किया। इसी तरह मतगणना गणना पत्रक कुछ जगहों पर देने से मना कर दिया जबकि कुछ जगहों पर केवल एक ही प्रत्याशी का विवरण दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मतगणना हों जाने के घण्टो बाद भी चिन्हांकित मतदान केंद्रों की मतगणना रिपोर्ट देर रात तक राज्य निर्वाचन आयोग को नही भेजी और मतों का हेर फेर कर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को विजयी होने का विवरण तैयार कर लिया। हड़बड़ी में किये गए इस कार्य से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत तो गए किन्तु गणना पत्रको में अधिकारयो ने ऐसी गम्भीर त्रुटियां छोड़ दी है जो उनकी कारगुजारियों की कलई खोलता है। आलोक सिंह ने कहा है कि लगभग पांच जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचन में धांधली के सबूत मौजूद है जिन्हें लेकर प्रत्याशियों को कोर्ट की लड़ाई लड़ने की सलाह दी गई है जिसमे भारतीय जनता पार्टी पूरी कानूनी मदद करेगी।








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