सारंगढ़ मुनादी।
सारंगढ़ अंचल मे धान खरीदी मे एक बार फिर से अधिकारियो ने मनमानी मौखिक आदेश आना शुरू हो गया। पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद अब अधिकारी फिर से किसानो के टोकन काटने से लेकर धान बेचने पर मनमर्जी आदेश थोपना शुरू कर दिये है। आज छोटे कोसीर के धान उर्पाजन केन्द्र में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें किसानो का टोकन काटने से प्रबंधक और कम्प्यूटर आपरेटर ने साफ मना कर दिया। जानकारी मांगने पर बताया कि डीआर मैडम ने कहा है कि 27 ऐसे किसान है जिन्होने एक बार भी धान नही बेचा है उन्हे पहले ढूंढ कर लाओ और धान बेचवाओ फिर दूसरे किसानो का टोकन काटना?
दरअसल सारंगढ़ विकासखंड़ के छोटे कोसीर धान खरीदी केन्द्र में आज किसानो का टोकन नही काटा गया जिस पर किसानो ने पूछा तो वहा पर उपस्थित कम्प्यूटर आपरेटर ने जानकारी दिया कि डीआर मैडम का कल दौरा था और उन्होने किसानो का टोकन काटने से मौखिक रूप से मना कर दिया है। वही कारण पूछने पर बताया गया कि इस सोसायटी मे 27 ऐसे किसान है जिन्होने अभी तक एक बार भी धान नही बेचा है। इस कारण से उन्होने मौखिक आदेश दिया है कि एक बार भी धान नही बेचने वाले 27 किसानो को पहले ढूंढ कर लाओ और उनका धान खरीदो उसके बाद ही अन्य किसानो का धान खरीदी किया जाये और उनका धान खरीदा जाये। इस मामले मे कम्प्यूटर आपरेटर ने बताया कि उक्त आदेश पूर्णत: मौखिक है तथा धान खरीदी का लक्ष्य 37 हजार क्विंटल के विपरीत अभी तक 30 हजार क्विंटल धान की खरीदी किया गया है। इस आंकड़ा को भी देखते हुए डीआर मैडम ने धान खरीदी के लक्ष्य के नजदीक पहुंच जाने का हवाला देते हुए अब किसानो का टोकन को नही काटने का मौखिक आदेश दिया है। इस मौखिक आदेश के सामने बेबस समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर आपरेटर ने किसानो का टोकन काटने से साफ मना कर दिया। वही इस बात की जानकारी लगने के बाद किसानो का दल दोपहर को एसडीएम चंद्रकांत वर्मा से मिलकर अपनी पीड़ा को सामने रखा और बताया कि उनका धान अभी नही बिक पाया है तथा एक-एक बार ही उन्होने समिति में धान का विक्रय किया है। उनका टोकन काट कर धान खरीद जाये। जिस एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि छोटे कोसीर धान खरीदी उपार्जन केन्द्र में किसानो का टोकन जल्द ही काटा जायेगा। वही पूरे मामले मे सबसे दिलचस्प बात यह है कि पंचायत चुनाव तक जो अधिकारी किसानो को कोई तकलीफ नही होने का हवाला देते हुए धान उपार्जन केन्द्र का दौरा करते थे वे अंतिम तिथि पास आते ही कई प्रकार से अजीबो-गरीब आदेश देकर किसानो को परेशान करने मे लग गये है।
मौखिक आदेश का बहाना बनाकर प्रबंधक भी कर रहे है मनमानी?
सारंगढ़ अंचल के धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधको की मनमानी भी चरम सीमा पर है। शासन के धान खरीदी के कड़े नियमो के कारण से प्रबंधको की बल्ले-बल्ले हो गई है। नियमो की आड़ में किसानो को परेशान करते हुए अवैध उगाही करने और जमकर राशी हड़पने की खबरे कई किसानो के द्वारा दिया गया है हालांकि इस मामले मे कही पर कोई शिकायत नही किया गया है किन्तु चंद हजार रूपये का मानदेय वाले प्रबंधको का अभी जलवा देखने लायक है। कई प्रबंधको के द्वारा बड़े लेबल पर अचल संपत्ति की खरीदी किया गया है। वही समिति मे स्टाक मे रखा हुआ अच्छी किस्म का धान को बदलकर निम्न गुणवत्तायुक्त धान का अदला-बदली का खेल भी बड़े स्तर पर खेला जा रहा है। समिति मे कार्यरत हमालो का पैसा किसानो से उगाही करने और तौल के नाम पर अतिरिक्त धान का उगाही करने की ढ़ेरो शिकायत के बीच किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिये खून के आंसू बहा रहा है।

