जशपुर मुनादी।।

अपर मुख्य सचिव रेनू जी पिल्ले को कौशल विकास जशपुर के मामले में आयोग द्वारा नोटिस जारी हुई पिछले माह कौशल विकास प्रशिक्षण प्रभारी प्रकाश यादव के द्वारा कई वर्षों से कौशल विकास प्रशिक्षण के मामले में मनमानी एवं अनियमितता तथा अवैध रूप से करोड़ों के भुगतान के मामले में शिकायत पर अनुसूचित जनजाति आयोग ने जसपुर जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी परंतु निर्धारित समय अवधि में जानकारी नहीं पहुंचने पर आयोग ने सख्ती दिखाई है तथा कभी भी जिला प्रशासन जशपुर कलेक्टर को आयोग पेशी हेतु दिल्ली तलब कर सकती है मामले की गंभीरता को देखते हुए इससे संबंधित सारी जानकारी राज्य सरकार के कौशल विकास प्रशिक्षण प्रभारी अपर मुख्य सचिव रेनू जी पिल्ले से भी मंगाई गई है जिसका मिलान आयोग द्वारा करके इस मामले में प्लेसमेंट की जांच एवं कार्यवाही किया जाना है।
मामले में साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ एवं लीपापोती की मिल रही शिकायतों के कारण जांच प्रभावित होने के अंदेशे को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने राज्य सरकार के अपर मुख्य सचिव रेनू जी पिल्ले को जांच पूरी हो जाने तक की अवधि हेतु फिलहाल जशपुर जिले के प्रशिक्षण प्रभारी प्रकाश यादव को इस पद से अलग कर किसी अन्य को प्रभार देने हेतु निर्देशित किया गया है क्योंकि जब यह मामला सामने आया था तभी से इस मामले में लीपापोती और साक्ष्यों से छेड़छाड़ का अंदेशा जताया जा रहा था. इस मामले में कुछ लोगों ने आयोग को लिखित में शिकायत भी दी है इतना ही नहीं आयोग द्वारा समय अवधि में मांगे गए इस मामले की जानकारी भी नहीं दी गई है जिससे इस संभावना को काफी बल मिलता है और इस कारण आयोग ने काफी सख्त रवैया अपनाया है, जिसके चलते राज्य की अपर मुख्य सचिव रेनू जी पिल्ले को भी पिछले सप्ताह आयोग द्वारा नोटिस जारी कर जानकारी मांगी गई है।
सूत्रों की मानें तो मामले का खुलासा होने पर पूर्व कलेक्टर की भी काफी मुश्किल में पड़ सकती है क्योंकि नियमों के खिलाफ लाइवलीहुड कॉलेज जशपुर में लेखापाल की भर्ती की गई थी और जिस अभ्यर्थी को जिला प्रशासन ने अनुभव नहीं होने तथा डिस्टेंस यूनिवर्सिटी के प्रमाण पत्र होने के कारण अपात्र करार दे दिया था पुनः उसी अभ्यर्थी को षड्यंत्र पूर्वक स्वीकार कर लिया गया यहां तक कि उसके लिए पुनः विज्ञापन जारी करने की खानापूर्ति भी की गई थी तथा शिकायत पर भी कोई जांच नहीं की गई थी इतना ही नहीं लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि लाइवलीहुड कॉलेज की लेखापाल को भर्ती प्रक्रिया के पहले से ही ड्यूटी पर रख लिया गया था फिलहाल इस अनियमितता के कारण जशपुर जिले के अधिकतम आदिवासी युवाओं का कौशल विकास एवं रोजगार प्रभावित होता नजर आ रहा है.

