सच की मुनादी।।
पिछले दिनों सरकार ने लोकसभा इन गृह मंत्रालय की ओर से एक जवाब दिया कि सरकार के पास फिलहाल NRC लागू करवाने का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं है लेकिन सोशल मीडिया में एक सरकारी चिट्ठी वायरल हो रही है जिसमें शिक्षकों को NRC के लिए ट्रेंड करने ट्रेनिंग में हिस्सा लेने की बात कही गई है। यह चिट्ठी बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की है जिसमें NRC के ट्रेनिंग के लिए शिक्षकों के नाम नहीं दिए जाने पर प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी किया गया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी मोकामा, पटना द्वारा जारी इस पत्र में तीन स्कूलों का उल्लेख कर कहा गया है कि NRC के ट्रेनिंग के लिए शिक्षकों की सूची प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा चाही गई थी जिसे इन स्कूलों ने अब तक उपलब्ध नहीं कराया है, जिसे तत्काल उपलब्ध कराया जाय अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया में वायरल हो रही इस चिट्ठी में यूजर पूछ रहे हैं कि यदि NRC लागू करने का विचार या प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है तो NDA समर्थित राज्यों में NRC के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग क्यों और कैसे करवाई जा रही है। प्रधानमंत्री रामलीला मैदान में खुद बोल चुके हैं कि सरकार के पास NRC लागू करने का कोई प्रस्ताव या इरादा नहीं है।
पूरे देश में CAA का विरोध इस बुनियाद पर ही किया जा रहा है कि सरकार CAA के बहाने NRC लागू करेगी और असम की तरह यहां भी नागरिकता के सबूत सबसे मांगे जाएंगे। आंदोलन जब देश।में फैला तो प्रधानमंत्री ने इस बात से इनकार कर दिया हालांकि यह सवाल भी उठे की जब लोकसभा में गृह मंत्री ने खुद इसे लागू करने की बात कही है और राष्ट्रपति के अभिभाषण में भी यह बात कही जा चुकी है तो अब सरकार झूठ क्यों बोल रही है।

