(दोहरी सियासत की मुनादी)
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव खत्म हो गए लेकिन चुनाव के साईड इफेक्ट आने का क्रम अभी तक बंन्द नही हुआ है।इस चुनाव में जशपुर जिले के क्षेत्र क्रमांक 14 से डीडीसी का चुनाव हार चुके निर्दलीय प्रत्याशी ने हार के बाद स्थानीय विधायक और जिले भर के काँग्रेस नेताओ के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला ।
ये प्रत्याशी हैं पूर्व विकास खण्ड शिक्षाधिकारी रामेश्वर साय जो स्वयं को 1980 से भारतीय राष्ट्रीय कांगेस के कट्टर समर्थक होने का दावा करने के साथ साथ वर्तमान में खुद को कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता बता रहे हैं।इनका कहना है बीईओ के पद से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली और काँग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहे लेकिन जब उन्होंने क्षेत्र क्रमांक 14 से डीडीसी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए कांगेस के बड़े नेताओं और स्थानीय विधायक यूडी मिंज से समर्थन मांगा तो उन्हें समर्थन देने से मना कर तो कर ही दिया उपर से एक ऐसे आदमी को समर्थम दे दिया जो काँग्रेस पार्टी का ही नही है और कई सालों से काँग्रेस पार्टी के खिलाफ मुखालफत का झंडा लेकर घूम रहा था। रामेश्वर साय ने सीधे सीधे 14 नम्बर से डीडीसी का चुनाव जीत चुके विष्णु कुलदीप का नाम लेकर कहा कि विष्णु कूलदील आम आदमी पार्टी के महरवपूर्ण पदों पर रहे हैं इस दौराम उन्होंने जिले भर में कांग्रेस पार्टी की खुलकर खिलाफत की और काँग्रेस पार्टी ने उसी विष्णु कुलदीप को समर्थन दे दिया जबकि वे तीन तेन बार फरसाबहार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और कुनकुरी विधानसभा के कुछ बड़े नेताओं के साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल और वरिष्ठ विधायक रामुकार सिंह के पास समर्थन के लिए गए लेकिन उन्होंने उन्हे ये कह दिया कि समर्थन किसको देना है ये विधायक यूडी मिंज तय करेंगे और जब वह यूडी मिंज के पास पहुंचे तो उन्होंने ये कह दिया कि उनसे पहले विष्णु कुलदीप समथन के लिए आवेदन लगा चुके हैं।
इनका कहना है कि जनजातीय समुदाय के होने के कारण पार्टी ने उनकी अनदेखी कर दी और उन्हें बिल्कुल तवज्जोह नही दिया नतीजतन उन्हें तो हार मिली ही काँग्रेस पार्टी की भी हार हुईं खासकर विधायक यूडी मिंज की व्यक्तिगत हार है ।

