जशपुर मुनादी।।
पंचायत चुनाव खत्म हो गए ,जीत हार का फैसला भी हो गया लेकिन अभी भी कई प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं और घर घर जा रहे है लेकिन चुनाव प्रचार करने नही बल्कि चुनाव प्रचार के दौरान वोट देने के लिए दिए गए उपहार को वापस लेने।ऐसा दूरस्थ अंचलों के ग्रामीण क्षेत्रो में अक्सर देखा जा रहा है जहाँ चुनाव प्रचार करने गए प्रतयाशी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी को नगदी थमाया तो किसी को छोटे से लेकर बड़े बड़े उपहार भी दिए लेकिन मोटा उपहार देकर चुनाव जीतने की लालसा पाल रखे प्रत्याशियों को परिणाम आते ही जब हार का झटका लगा तो धैर्य की सीमाएं टूटने लगी और उसी दिन से ग्रामीण क्षेत्रो में वसूली शुरू हो गयी। इस चक्कर मे कहीं कहीं तो झगड़ा फसाद की भी नौबत आ जा रही है तो कही कहीं लोग ईमानदारी से उपहार और नगदी को वापस भी कर दे रहे हैं।
इस तरह की स्थिति ज्यादातर ग्राम पंचायतों के वार्डो में देखने को मिल रहे हैं जहाँ पंच पद के लिए छोटे से वार्ड में 5 से लेकर 10 प्रत्याशी तक चुनाव मैदान में उतर गए और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के फेरे में पड़कर लाखों रुपये नगदी और लाखों के उपहार बांटते रहे लेकिन जीतना तो किसी एक को ही था सो एक तो जीत गया बाकि हारे हुए लोग वसूली में लग गए।

