सत्ता के चालों की मुनादी।।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। हालांकि इस चुनाव में 2015 के मुकाबले आम आदमी पार्टी का मत प्रतिशत और सीट दोनों काम हुई है, लेकिन comfortable mejority की ओर आम आदमी पार्टी बढ़ रही है। अभी तक के चुनावी परिणामों के रुझान में 57 सीटों पर आगे है वहीं भाजपा तीन सीट से बढ़कर 13 सीट पर बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
हालांकि अभी तक के रुझानों के अनुसार आम आदमी पार्टी के महत्वपूर्ण और शीर्ष नेता मनीष सिसोदिया अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज से मामूली अंतर से पीछे चल रहे हैं वहीं आम आदमी पार्टी से निकलकर कांग्रेस और भाजपा में गए नेताओं को लोगों ने भाव नहीं दिया। आम आदमी पार्टी से भाजपा में गए कपिल मिश्रा, कांग्रेस में गए अलका लांबा और आदर्श शास्त्री फिलहाल आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों से काफी पीछे हैं।
जीत के बाद आम आदमी पार्टी ने अपने पार्टी दफ्तर के बाहर बाद होर्डिंग लगाया है जिसमें यह लिखा है कि राष्ट्र निर्माण के लिए आप जॉइन करें। वोट कैंपेन के दौरान जिस तरह केजरीवाल ने शाहीन बाग आंदोलन से अलग होने से लेकर हनुमान चालीसा बांचने तक पहुंच गए इससे यह संदेश जा रहा है कि आप अब अपनी रणनीति बदलेगी और आने वाले दिनों में पूरे देश में अपने संगठन मजबूत करेगी।

