रायपुर मुनादी।।
प्रदेश के बहुचर्चित समाज कल्याण विभाग में हुए 1 हजार करोड़ के घोटाले के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले की सीबीआई जांच पर रोक लगा दी है।
बता दें कि इस मामले में कई आईएएस अधिकारी समेत समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था।
इसको लेकर हाईकोर्ट में भी रिव्यू पिटीशन दाखिल कि गई थी लेकिन उसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था जिसके बाद पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांढ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस देने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई तय की है।
आपको बता दें कि, सभी अफसरों पर भाजपा शासनकाल के दौरान करीब 14 वर्षों में फर्जी एनजीओ बनाकर 1000 करोड़ रुपए के घोटाला करने का आरोप है। इन्होंने अलग-अलग नामों से NGO बनाकर शासन के कई कार्य और योजनाओं के तहत पैसे रिलीज करवाये और कमीशनखोरी की।

