13-February-2020


पुनिया का भाजपा व संघ पर आरोप, आरक्षण के खिलाफ़ हैं दोनों, कहा, यही है भाजपा का डीएनए ......पढें पूरी खबर



रायपुर मुनादी।।

अखिलभारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया ने गुरुवार को आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से भाजपा व संघ परिवार अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति-पिछड़ा वर्ग विरोधी रहा है। यह भाजपा का डीएनए है।

पुनिया ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक बार फिर भाजपा, मोदी सरकार और उत्तराखंड भाजपा सरकार ने मिलकर देश के संविधान अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति-पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के मौलिक अधिकार पर शरारतपूर्ण, षडयंत्रकारी व घिनौना हमला बोला है। इसका जीता जागता सबूत उत्तराखंड भाजपा सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलील है, जिसमें साफ तौर से कहा गया, कि एसटी, एससी वर्गों को संविधान में सरकारी नौकरियों में आरक्षण का मौलिक अधिकार नहीं है। यहां तक भी कहा गया कि एसटी, एससी वर्गों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के प्रति सरकारों की कोई संवैधानिक जवाबदेही नहीं।

पुनिया ने आगे कहा कि भाजपा सरकार की इस संविधान तथा एसटी, एससी विरोधी दलील को सुप्रीम कोर्ट ने भी दुर्भाग्यवश स्वीकार कर लिया तथा अपने निर्णय में यह कहा कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण देना या न देना सरकार की मर्जी पर निर्भर है। अब यह साफ है कि भाजपा आरक्षण के संविधान निहित अधिकार को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आरक्षण व्यवस्था तोड़ने पर संसद को गुमराह कर रही है। आज संसद में एक बार फिर मोदी सरकार का एसटी, एससी, ओबीसी के खिलाफ पूर्वाग्रह व षड़यंत्र सामने आया, जब आरक्षण तोड़ने की दलील देने पर देश से माफी मांगने की बजाए मोदी सरकार ने अपना पल्ला झाड़कर इल्ज़ाम लगाने की राजनीति शुरू कर दी।

पुनिया ने कहा कि भाजपा व संघ परिवार ने बार-बार आरक्षण पर पुनर्विचार तथा आरक्षण को खत्म करने की मांग रखी है। इस बारे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व मनमोहन वैद्य का बयान उल्लेखनीय है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने एससी, एसटी सबप्लान खत्म कर अनुसूचित जाति पर कुठाराघात किया। अनुसूचित जाति पर मोदी सरकार में बेहिसाब हिंसा के बढ़ते मामले चौकाने वाले हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 43,203 मामले दर्ज हुए, यानि कि हर रोज देश में 118 अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामले दर्ज हुए व हर घंटे अनुसूचित जाति उत्पीड़न के पाँच मामले दर्ज हुए।

पुनिया ने आगे कहा कि कांग्रेस ने एसटी, एससी सबप्लान के माध्यम से गरीब को सरकारों के बजट में जनसंख्या के अनुपात के आधार पर हिस्सेदारी की शुरुआत की थी। मोदी जी ने पिछले 5.5 साल में उस अधिकार को ही खत्म कर दिया। भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति की सरकारी नौकरियों की संख्या ही लगभग 90 प्रतिशत कम हो गई। यही नहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौकरियों के बैकलॉग को भी नहीं भरा जा रहा। प्रि-मैट्रिक एससी स्कॉलरशिप्स स्कीम व पोस्ट मैट्रिक एससी स्कॉलरशिप स्कीम के बजट में भारी कटौती हुई है।

पुनिया ने कहा कि यह साफ है कि भाजपा शासन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग शोषण के शिकार हैं तथा न्याय से वंचित हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आव्हान किया है कि कांग्रेस का हर साथी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग शोषितों व वंचितों के संवैधानिक अधिकारों की बहाली की लड़ाई निर्णायक तौर से लड़ेंगे।








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