दिल्ली चुनाव के बाद अब ये चर्चा का विषय बन गया है कि जनता अब मुद्दे पर आ गई है अब तक मुद्दा विहीन चुनाव जिसमे मतदाता भी राजनीतिक दलों के झूठे विकास और बुनियादी समस्याओं के समाधान की स्थिति जस की तस लेकिन दिल्ली चुनाव के बाद अब यह विषय पूरे देश में पहुँच चुकी है। वह क्या है इसे शहर के माने चिकित्सक और राजनीतिक के साथ सामाजिक तौर पर एक जाना पहचाना चेहरा से डॉ राजू अग्रवाल वो क्या कहते है आगे पढें ......
राजनीतिक संगठनों के लिये दोषारोपण नहीं चिंतन का समय है ।
दिल्ली के रिजल्ट ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत का वोटर अब mature हो चुका है ।
उसे देश के मुद्दे एवम राज्य के कार्यों का फर्क मालूम है । जनता ने देश के मुद्दों में लोकसभा में भाजपा का साथ दिया था , परंतु यदि भाजपा निगम तथा राज्य का इलेक्शन भी देश के मुद्दो के आधार पर लड़ेगी तो उसकी हार तय है।
राज्य एवम निगम का मुद्दा विकास कार्य होता हैं और विकास का मतलब समाज के अंतिम व्यक्ति को सुरक्षा, पानी, बिजली , शिक्षा ,स्वास्थ्य ,सुलभ ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराना है । यही दिल्ली में केजरीवाल ने सफलता पूर्वक किया ।*
दिल्ली का रिजल्ट देश के वर्तमान मुद्दों पर देश का रुख तय नहीं करता है ।
अगर देश की जनता देश की सरकार से बाहरी एवम आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक विकास , रोजगार की उम्मीद करती है तो राज्य के सरकार से सहज उपलब्ध पानी, बिजली, सड़क ,शिक्षा स्वास्थ्य सुविधा चाहती है ।
आगे भविष्य में होने वाले राज्यों के चुनाव में यदि bjp इस अंतर को समझ कर चुनाव में नही उतरेगी तो फिर मायूस होगी । वहीं यदि गैर bjp राजनैतिक संगठन भी भविष्य में अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव में दिल्ली के रिजल्ट को देश के वर्तमान मुद्दों में जनता का फैसला मान कर उतरेगी तो मुँह के बल गिरेगी ।

