यही तो है सोशल पुलिसिंग, निगरानीशुदा बदमाश को दिलवा दी नौकरी ! एसपी ने पहले कराया परेड फिर किया ऐसा कि आपने भी नही सोंचा होगा.....पढिये पूरी खबर
लेकिन भीख मांगकर चला रहा था अपना जीवन, एसपी ने जब कि पड़ताल तो वह भी हुए भावुक, फिर ………… पढ़िए पूरी खबर
रायगढ़ मुनादी।।
निगरानी शुदा बदमाश जो भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहा था, उसे देखकर पुलिस अधीक्षक भावुक हो गए। एसपी रायगढ़ ने उसके जीवन यापन की भी व्यवस्था कराई। निगरानी शुदा गांडा साय पिछले 12 सालों से किसी मामले में संलिप्त नहीं था इसलिए वह माफी श्रेणी में का निगरानीशुदा है। एसपी के इस काम की लोग सराहना कर रहे हैं।
पुलिस प्रणाली में सीआरपीसी एवं पुलिस रेग्युलेशन के अनुसार कार्यवाही की जाती है, आरोपियों के अपराधिक इतिहास वृत्त को देखकर निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया जाता है जिसे एक अंतराल बाद बदमाश के जीवन यापन को देखते हुए उसे माफी श्रेणी के विभिन्न वर्गों में लाए जाने के नियम हैं।
पुलिस चौपाल खरसिया में दिनांक 11 फरवरी को थाना खरसिया अंतर्गत ग्राम कुनकुनी पर निवासरत गांडा साय पिता धनीराम साय उम्र 70 वर्ष जो पूर्व में संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त होने पर उसे निगरानी बदमाश की श्रेणी में रखा गया था , 10-12 वर्षों से बदमाश अपराधों में संलिप्त नहीं होने से उसे वर्तमान में माफी बदमाश की श्रेणी में रखा गया है।
निगरानी बदमाशों की परेड दौरान जब गांड़ा साय को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के समक्ष हाजिर कराया गया तब पुलिस अधीक्षक ने उसके जीवनापार्जन आदि के संबंध में पूछताछ किए। गांड़ा साय ने पुलिस अधीक्षक को अपने करुणा स्वर में बताया कि वर्तमान में उसकी पत्नी, बच्चे नहीं है भीख मांग कर जीवन यापन कर रहा हूं । इतना सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक भावुक हो गए। पुलिस अधीक्षक
सिंह ने थाना प्रभारी खरसिया से बदमाश के संबंध में जानकारी ली गई । थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक एस.आर. साहू ने बताया कि अभी गांड़ा साय किसी भी प्रकार के वारदात में सम्मिलित नहीं है ना ही इसके संबंध में कोई शिकायत मिली है । प्रक्रिया अनुसार माफी श्रेणी में रखा गया है पुलिस अधीक्षक द्वारा गाड़ा साय की स्थिति व्यथा को देखते हुए थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक साहु को गांड़ा साय की सम्मानजनक जीवन यापन करने की व्यवस्था कराने को बोले , जिस पर निरीक्षक साहु द्वारा उसके गांव के कुनकुनी के समीप जनरल वेदांता कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर गांड़ा साय को प्यून की नौकरी में ₹4000 प्रतिमाह मेहताना में रखवाया गया है । गाड़ा साय एवं उसके जान परिचित के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को हृदय से दुआएं देते हुए खरसिया पुलिस को साधुवाद दे रहे हैं ।

