17-February-2020


रेलवे कर्मचारियों से सूदखोरी करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे, लिखा पढ़ी का डर दिखाकर करता था काम, जब पुलिस ने खोली पोल तब पता चला…………..



बिलासपुर मुनादी।।

शहर में चल रहे सूदखोरों के द्वारा
रकम वसूली की शिकायतों के संबंध में कार्यवाही करते हुए शिकायकर्ता जोहन टोपनो (50), जो कि प्रधान कार्यालय कार्मिक विभाग SECR में अधीक्षक के पद पर कार्यरत है तथा अन्य 30 व्यक्तियों की शिकायत आवेदन में बताया गया कि उन्होंने टिकरपारा दयालबंद निवासी सचिन गोरख उर्फ बबलू से अलग अलग कामों तथा जरूरतों के कारण से अलग अलग रकम ब्याज में लिये सचिन के द्वारा कर्ज लेने वालों से कर्ज देते समय सुरक्षा के लिये कोरे कागजों एवं वकालतनामा आदि में
हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख लिया गया था।

शिकायतकर्ता तथा अन्य लोगों के द्वारा आरोपी से
ब्याज में ली गई मूल राशि एवं ब्याज सहित रकम वापस कर देने के बावजूद भी उन्हें अचानक से वेतन कटौती का आदेश प्राप्त होने के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर उनके द्वारा आरोपी से सम्पर्क किया गया, जिस पर आरोपी के द्वारा उन्हें धमकाया गया कि न्यायालय का आदेश है, गडबडी करोगे तो नौकरी चली जायेगी। जिस पर शिकायतकर्ता एवं अन्य पीडित लोग नौकरी चले चाहे के भय से चुप बैठ रहे परन्तु बाद में कटौती के कई आदेश आने पर उन्हें शंका हुआ कि उनकी अनुपस्थिति में न्यायालय में आरोपी के द्वारा रकम वसूली का एकपक्षीय प्रकरण चालबाजी कर कर्जा देते समय उनसे कोरे कागजात में हस्ताक्षर कराये गये कागजों के आधार पर प्रस्तुत किया होगा।

जिसके कारण आरोपी ने करीबन 300-400 लोगों जो कि रेलवे तथा अन्य विभाग के कर्मचारी हैं उनसे आरोपी सचिन गोरख के द्वारा बहुत बड़ी मात्रा में ब्याज में रकम दिया जाना तथा उक्त दिये गये रकम के एवज में दी गई रकम से अधिक बडी रकम ब्याज के रूप में प्राप्त होना जो कि अनुमान के अनुसार करीबन 40 करोड के आसपास होना बताया गया था जिसके संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर उक्त संबंध में शिकायतकर्ताओं के द्वारा बताये आरोपी के द्वारा सीघे-साधे नौकरी पेशा लोगों को अलग अलग कारणों से रकम की आवश्यकता पर उनकी जरूरत एवं मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपी के द्वारा ब्याज में रकम दिया जाना तथा ब्याज में रकम देते समय उनसे बहुत सारे कोरे कागजातों में कई स्थानों पर हस्ताक्षर कराया जाना तथा ब्याज में दी गई रकम के मूलधन एवं ब्याज को वापस लेते समय नकद लेना तथा रकम प्राप्ति के संबंध में लेनदारों को किसी प्रकार की कोई रसीद अथवा पावती नहीं प्रदान करना तथा बाद में ब्याज में रकम
दिये जाने के समय कर्जदारों से कोरे कागजातों में कराये गये हस्ताक्षर वाले कागजातों को आधार
बनाकर चालबाजी करते हुये न्यायालय में वसूली का मामला दायर किया जाकर कर्जदारों से रकम
वूसलना आदि तथ्यों की जांच के संबंध में थाना प्रभारी प्रभारी कोतवाली को निर्देशित किया गया था, जिसके परिपालन में आरोपी के मकान से कर्जा से संबंधित काफी सारे कागजात आरोपी की निशानदेही पर पुलिस के द्वारा जांच हेतु उसके पास से प्राप्त किया गया जिसकी जांच पर शिकायत में वर्णित तथ्यों की पुष्टि होने पर से आरोपी के विरूद्द थाना कोतवाली में धारा 384 और 4 कर्जा एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्द कर लिया गया है, आरोपी के पास से प्राप्त दस्तावेजों में न्यायालय का सील मोहर,/पदनाम सहित संबंधी दस्तावेज भी प्राप्त हुआ है तथा कोर दस्तावेज जिसमे अन्य व्यक्तियों के सिगनेचर है पुलिस को मिला है, जिसकी जानकारी ली जा रही है तथा अभी तक की जांच में लगभग 1 करोड रूपये ब्याज में वसूली किये जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा 300-400 व्यक्तियों से आरोपी के द्वारा लगभग 10 करोड रूपये वसूलने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त हुआ है जिसके संबंध में भी जांच किया जा रहा है।








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