नितीश यादव की मुनादी।।
जशपुर के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति शिक्षा विभाग कितना सजग और गम्भीर है इसका नमूना देखना हो तो दुलदुला ब्लॉक के मकरीबन्धा माध्यमिक शाला चले आइए ! यहाँ पढ़ाई कर रहे 53 छात्रों का बोझ केवल एक शिक्षक उठा रहा है ।छात्रों और शिक्षक ने जब विभाग को एकल शिक्षक के चलते होने वाली परेशानियों को बताया तो शिक्षा विभाग ने शिक्षको के अभाव का दंश झेल रहे मकरीबन्धा माध्यमिक शाला में खानापूर्ति के लिए प्राथमिक शाला के एक शिक्षक को भेज दिया । जब माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक भूषण सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया --वैल्पिक व्यवस्था के तहत एमेनियुष कुजुर को यहां सलग्न तो किया गया है लेकिन कुजूर को माध्यमिक स्तर जे अध्यापन का अनुभव नही है ।प्राथमिक स्तर के अध्यापन और माध्यमिक स्तर के अध्यापन में भिन्नता है ।इस बात की जानकारी बीईओ दुलदुला को भी है लेकिन अभी तक शिक्षक की समुचित व्यवस्था नही हो पाई है। वहीं संकुल समन्यक का कहना है कि उन्हें भी इस बात की जानकारी है और वे जब भी दौरे में जाते हैं वो खुद से बच्चों को पढ़ाने लगते है ।
आपको बता दें कि जशपुर में यशश्वी जशपुर के तहत यह अभियान चलाया गया था कि शिक्षा के छेत्र में एक नया आयाम स्थापित करे लेकिन देखिये यह उसी यशस्वी दुलदुला के मकरिबंधा का तस्वीर हैं जहां बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।


