रायपुर मुनादी।।
दुर्ग फर्स्ट फास्ट ट्रैक न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी की अदालत ने मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले वृद्ध (62 वर्ष) को अपने प्राकृत जीवनकाल तक कारावास में रखें जाने की सजा से न्यायालय द्वारा दंडि़त किया गया है। आरोपी ने 6 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया था।
अभियोजन पक्ष की वकील अति. लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि मामला नंदनी थाना क्षेत्र का है। इस घटना की जानकारी पीडि़ता की मां को सप्ताह भर बाद हुई था। पीडि़त मासूम की मां साफ सफाई का काम करती है। मामले के अनुसार ग्राम का बिसाहू साहू 19 मार्च 2014 को 6 साल की मासूम को अपने साथ बहला फुसला कर ब्यारा में ले गया था और 15-20 मिनिट बाद निकला था। इस बात की जानकारी ग्राम की दो किशोरियों ने उसकी मां को 26 मार्च 2014 को दी थी। जिसके बाद मां ने गौर करने पर पाया की उसकी बेटी लंगड़ा कर चल रही है और उसके नाजुक अंगों में चोट है। मामले की शिकायत पुलिस में की गई थी। पुलिस ने वृद्ध बिसौहा साहू के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विचारण के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
प्रकरण पर विचारण पश्चात न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने आरोपी बिसौहा साहू को मासूम के साथ अनाचार करने का दोषी पाया। मामले में आरोपी को दफा 376 (2) के तहत शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास में रखे जाने का फैसला सुनाया है। इसके साथ 10 हजार रु. के अर्थदंड़ से भी दंडि़त किया गया है।

