रायगढ़ मुनादी।।
CAA और NRC के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों और शहरों में बने शाहीन बाग में अब NPR के खिलाफ विरोध करने के नये नये तरीके ढूंढे जा रहे हैं। रायगढ़ के शाहीन बाग में एक प्रस्ताव आया है कि जो लोग एनपीआर का विरोध करना चाहते हैं वे अपने घरों के आगे एक तख्ती लिखकर टाँगेंगे, जिसमें लिखा होगा " हम मुख्यमंत्री के साथ हैं, एनपीआर की प्रक्रिया में हम हिस्सा नहीं लेंगे। इस प्रस्ताव पर सबकी सहमति भी मिल गई है अब इसपर काम शुरू हो गया है।
रायगढ़ के रामलीला मैदान में बना शाहीनबाग लगातार 23 वें दिन भी जारी रहा। सभा में एक सुझाव आया जो प्रस्ताव में बदल गया जिसपर वहां उपस्थित लोगों ने सहमति भी दे दी। सुझाव यह था कि हम एनपीआर की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे ऐसा लिखकर अपने घर के सामने लगाना है, ताकि एनपीआर के खिलाफ सशक्त विरोध दर्ज हो सके । इस सुझाव पर एक बुद्धिजीवी ने आगे बढ़ाते हुए यह जोड़ा की चूंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी एनपीआर के विरोधी हैं इसलिए पहली लाइन में हम यह लिखें की हम अपने मुख्यमंत्री के साथ हैं और हम एनपीआर का हिस्सा नहीं बनेंगे। इस सुझाव पर उपस्थित लोगों ने सहमति की मुहर भी लगा दी। अब इसपर काम शुरू भी हो गया है।
रायगढ़ शाहीनबाग आंदोलन के एक फाउंडर मेंबर ने बताया कि ऐसा प्रस्ताव जरूर आया है और इसपर सबकी सहमति भी है, लोग इस तरह की तख्ती लगाकर अपने घर के सामने लगाने को तैयार भी हैं। जल्द ही लोगों के घर आगे यह तख्ती दिखने लगे जाएगी।
एनपीआर 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू होना है, हालांकि कई राज्यों ने अपने राज्यों में इसे लागू करने से इनकार कर दिया है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने अभीतक इसपर कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने एनपीआर का विरोध किया है और प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी इसे लागू नहीं होने के बात कही है लेकिन सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है।

