छाल मुनादी।
पखवाड़ा पूर्व चुनाव के दौरान आपसी विवाद को लेकर चाचा भतीजे के बीच रात में घर में घुसकर किया गया मारपीट के बाद सड़क किनारे खड़े गाड़ियों में तोड़फोड़ करने वाले चार आरोपियों में से एक आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा, और उसे 11 फरवरी को न्यायिक रिमांड में भेज दिया, किंतु वही तीन अन्य आरोपी बेखौफ होकर गांव, नगर, शहर में बड़े आराम से घूमते नजर आ रहे हैं। जिसे देख क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर घटना को उक्त चारों आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया, किंतु वही एक आरोपी को छाल पुलिस पकड़ कर अपने उच्च अधिकारियों से पीठ थपथपा ली, किन्तु वही तीन अन्य आरोपियों पर कार्यवाही करने से आखिर छाल पुलिस क्यों परहेज करता नजर आ रहा है, यह समझ से परे होता जा रहा है। छाल थाना के इन चारों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में दर्ज अपराध एक एक पर दर्जन से भी अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें वर्तमान धर्मजयगढ़ जनपद पंचायत सदस्य के क्षेत्र क्रमांक 5 सदस्य संजय गुप्ता को न्यायालय ने बतौर सजा के रूप में आर्थिक दंड से दंडित भी कर चुके हैं। इतने के बावजूद भी आखिर किनका सह है जोकि इतने गंभीर आरोप सिद्ध होने के बावजूद आरोपी घटना को अंजाम देने के बावजूद भी पखवाड़े से अधिक बीत जाने के बावजूद छाल पुलिस के गिरफ्त से दूर है।
छाल पुलिस के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल हाल ही में 13 फरवरी को हुए जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव में आरोपी संजय गुप्ता पुलिस प्रशासन व दंडाधिकारी के समक्ष जनपद सभागार में हुए चुनाव में अपना उपस्थिति दर्ज कराया, इतना ही नहीं अन्य आरोपी भी जनपद कार्यालय के इर्द गिर्द घूमते नजर आए लेकिन पुलिसिया कार्यवाही से आरोपी आखिर क्यों अभी तक दूर है क्या छाल थाना से आरोपियों के घर की दूरी काफी अधिक है या फिर छाल पुलिस इन पर कोई कार्यवाही ही नहीं करना चाहते। मामला समझ से परे।
वही हाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी में 27 जनवरी को भंवर सिंह सिदार द्वारा अपने खेत में पानी ले जाने के लिए नाली निर्माण करते समय गांव के दबंगों द्वारा मिलकर 80 वर्ष के वृद्ध के साथ बेरहमी के साथ मारपीट की जिसमे वृद्ध के दोनों पैर दबंगों द्वारा फावड़े से मारने के वजह से टूट गया। जिसकी शिकायत पीड़ित परिवार के द्वारा छाल थाना में उक्त मामला को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया किंतु आज पर्यंत तक उक्त मामले पर कोई कार्यवाही आरोपियों के खिलाफ होता नजर नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार द्वारा उक्त मामले को लेकर जिला पुलिस कप्तान के द्वारा 11 फरवरी को पुलिस चौपाल लगाकर लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली को साझा किया गया। जिसमें प्रार्थी के परिवार ने आकर उक्त मामले की शिकायत पुलिस कप्तान संतोष सिंह से भी किया। आज भी गरीब आदिवासी परिवार छाल पुलिस व जिला पुलिस कप्तान से न्याय की आस लिए बैठे हैं।

