रायपुर मुनादी।।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव और निकाय चुनावों में बुरी तरह पराजय का दंश झेल रहे भाजपाई अब भी गुटबाजी से नहीं उबर पाए हैं। सत्ता जाते ही इस पार्टी के लोगों में अफरातफरी मच गई। इनके कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव के बाद से झंडा बदलना शुरू कर दिया था। बहरहाल सरकार बदलने के बाद पहली बार सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय कोई आंदोलन किया गया है लेकिन इसमें भी गुटबाजी चरम पर है।
रायपुर के सुभाष स्टेडियम के पास एक धरने का आयोजन भाजपा की ओर से किया गया था। यह आयोजन केशकाल में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ भाजपा की ओर से किया गया था। इस संबंध में जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल द्वारा सबको आमंत्रण भी मैसेज किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर राजेश मूणत और बृजमोहन अग्रवाल को बुलाया गया था। कार्यक्रम 2 बजे से 5 बजे तक रखा गया था लेकिन बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत में से कोई भी 3 बजे तक वहां नहीं पहुंचा तो आयोजकों ने हड़बड़ी में सांसद सुनील सोनी को बुलाया और कार्यक्रम सम्पन्न कराया।
इस कार्यक्रम की चर्चा पूरे शहर में है। यही नहीं लोगों में यह भी संदेश जा रहा है कि सत्ता से बाहर जाते ही भाजपा भी गुटबाजी से ग्रस्त हो गई है। भाजपा 15 साल तक सत्ता में रहने के कारण सड़क की लड़ाई भूल चुकी है। अब कांग्रेस को भाजपा के गुटबाजी पर चुटकी लेने का मौका मिल गया है और वे भाजपा के प्रदेशभर में हो रहे इस कार्यक्रम का मजाक उड़ा रहे हैं।

