रायगढ़ मुनादी।
चक्रधर नगर बस स्टैंड में सरकारी जमीन पर दो मंजिला दुकान निर्माण पर पूरे तोड़ू दस्ता के साथ निगम प्रशासन निगम आयुक्त राजेन्द्र गुप्ता पूरे अमला के साथ जिला प्रशासन की ओर से रायगढ़ एसडीएम कैलाश मेहानी के अवैध निर्माण की तोड़फोड़ करने पहुंच गए थे। तोड़फोड़ के दौरान ही अवैध निर्माण कर्ता को 3 दिन में स्वयं तोड़फोड़ करने की शर्त पर छोड़ा गया था लेकिन 3 दिन क्या कई दिन बीत जाने के बाद भी इस अवैध निर्माण पर आगे कोई कार्रवाई नही हुई अलबत्ता अवैध निर्माण करने वाले कैलाश मेहानी द्वारा स्वयं से तोड़ना तो दूर की बात रही बल्कि जो थोड़ा बहोत तोड़ फोड़ किया गया था उसमें आगे और निर्माण कराया गया। जो निर्माण स्थल पर देखा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इसमें सांठगांठ कर 152 गुना चार्ज लगाकर नियामि करने की षड्यंत्र रची जा रही है। जो शासन के नियम के विपरीत है। शासन के नियमानुसार उसी अवैध निर्माण की नियमितीकरण होनी है जो पूर्व में अवैध निर्माण हो चुका है उसे ही नियमितीकरण किया जाना है।
सूत्र बताते हैं कि रसूखदार कैलाश मेहानी द्वारा अधिकारियों के साथ साठगांठ कर अपने अवैध निर्माण को एक नम्बर में तब्दील करने सारी रणनीति बना ली है यही वजह है कि तोड़फोड़ की जगह निर्माण को और मजबूत किया गया है निर्माण स्थल इसकी गवाही देता है। जो शासन के नियम के विपरीत है इधर दूसरी तरफ ऐसे अवैध दुकानदारों पर धड़ाधड़ कार्रवाई की गई।
बता दें कि इसी चक्रधर नगर बस स्टैंड स्थित कैलाश मेहानी के दो मंजिला दुकान/आवास से शहर में अवैध कब्जे को लेकर तोड़फोड़ की शुरुवात बड़े तामझाम के साथ शुरू किया गया था। शहर में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई को कमाई का जरिया भी बना लिया गया है यदि ऐसा नही तो कैलाश मेहानी के दो मंजिला व्यवसायिक परिसर को जमीन दोज कर दिया गया होता है।
वही विजयपुर और इंदिरा विहार मार्ग पर अवैध कब्जे पर आज प्रशासन का बुलडोजर चला है और आज कई निर्माण तोड़े गए हैं।
इस मामले में निगम आयुक्त राजेन्द्र अग्रवाल ने पूरा मामला नजूल अधिकारी पर डालते हुए कुछ भी कहने से मना किया वहीं नजूल अधिकारी आशीष देवांगन ने कहा कि चाहे वह जितना जोर लगा ले उसका अवैध निर्माण टूट कर रहेगा।
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