रायगढ़ मुनादी।
हर साल की तरह इस साल भी धान खरीदी में सारँगढ़ के गाताडीह सेवा सहकारी सुर्खियों में रहा आपको बता दे ये वही सेवा सहकारी समिति है जहां इसके पहले सारंगढ विधायक पति और सारंगढ जनपद उपाध्यक्ष गणपत जांगड़े समिति के अध्यक्ष रहे और वर्तमान में उनके सबसे विश्वासपात्र और करीबी शिव टण्डन समिति के अध्यक्ष हैं। यहां जिले के रिकॉर्ड धान की खरीदी हुई है । खास बात ये है कि यहां अनाप शनाप धान खरीदी के लिए जिले के 13 विभिन्न समितियों से बारदाना भेजा गया आपको जानकर यह भी आश्चर्य होगा कि विपणन विभाग के अधिकारी 19 फरवरी को विभिन्न समितियों से 5481 बारदाने और 18 फरवरी को 2600 बारदाने ट्रांसफर किये। इसके अलावा सूत्र बताते हैं कि आखरी हप्ते में भी करीब 14 हजार बारदाना दूसरी समितियों से गाताडीह समिति को हस्तांतरित किये गए।
गाताडीह सेवा सहकारी समिति में इसके पहले भी सारे नियम कानून को ताकपर रखकर करोड़ो के घोटाले हुए है और तब यहां विधायक पति गणपत जांगड़े मुखिया हुवा करते थे और वर्तमान में यहां विधायक पति और जनपद उपाध्यक्ष गणपत जांगडे के सबसे करीबी को सामिति का अध्यक्ष बनाया गया बताया जाता है कि यहां भले ही शिव टण्डन समिति के अध्यक्ष है ।
बता दे कि गाताडीह सेवा सहकारी समिति में हजारों की संख्या में बारदाने भेज दिए गए और किसी को कानोकान भनक तक नहीं लगी एक तरफ जहाँां बारदाने की कमी से पूरे जिले में किसानों ने कोहराम मचाया था लेकिन यहां 24 घंटे धान की खरीदी होती रही। रोजाना खरीदी की जो लिमिट बनाई गई थी उससे करीब 4 गुना धान खरीदी की गई अंतिम 4 दिनों में जितनी धान की खरीदी हुई है जानकार बताते है कि 24 घंटे भी खरीदी हो तो भी यह सम्भव नही है ।

इससे जाहिर है कि यहां भी सत्ता के रसूख के दम पर सारे नियम कानून को ताक पर रख धान कि खरीदी की गई और शासन को हर बार की तरह इस बार भी करोडों का चूना लगाया गया। इसे कहते है सत्ता का रासुख और जब सांइया भय कोतवाल तो डर काहे का।
एक खास बात जो अंदरूनी सूत्र बताते हैं वो ये है कि आसपास के पीडीएस दुकानों के बारदाने जिसे विपणन विभाग में जमा करना।होता है वह सीधे गाताडीह समिति में पहुंच गया। सूत्र बताते हैं कि आस पास के कई पीडीएस दुकानों के खाली बारदाना गाताडीह समिति में सीधे पहुंचा है यह एक बड़ा मामला है । यहां अवैध रूप से भी हजारो की संख्या में बारदाना पहुंचा है जबकि ऐसा होता नही है पीडीएस के बारदाने को विपणन विभाग में जमा करना होता है लेकिन यह पहुंच गया गाताडीह सेवा सहकारी समिति में इन तमाम बिन्दुओ पर जांच चल रही है लेकिन देखना है कि यह अंजाम तक पहुंच पाती है या फिर आधे रास्ते मे ही जांच दम तोड़ देती है क्योंकि इसके पहले भी गाताडीह सेवा सहकारी समिति को अभयदान मिल चुका है।
अब देखना है कि जिस तरह से पिछले 4 दिनों से चल रही जांच अब तक पूरी नही हुई है तो क्या आगे चल कर इसकी निष्पक्ष जांच हो पाती है या सत्ता के रसुख के आगे अधिकारी भी नतमस्तक होते हैं।

