रंजीत सोनी की मुनादी।।
प्रधानमंत्री आवास योजना एक अधिकारी के विरुद्ध आवास का ब्लू प्रिंट देने के नाम पर 5000 रुपये का रिश्वत लेने के गम्भीर आरोप लगे हैं।मामला बलरामपुर जिले के राजपुर नगर पंचायत का है।
अपने कारनामो को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले नगर पंचायत राजपुर इस बार एक महिला से 5000 रुपये का रिश्वत लेने के मामले में सुर्खियों में है । पूरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर है जहां इस योजना से जुड़े कर्मचारी हितग्राहियों से अवैध वसूली करते नजर आ रहे हैं।
हम आपको बता दें कि राजपुर नगर पंचायत के कई वार्डों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों का निर्माण किया जा रहा है,इसी योजना के तहत वार्ड क्रमांक 3 के निवासी गीता रजक पति विनोद रजक के द्वारा भी मकान निर्माण कराया जा रहा था जिसके दौरान सरकार से मिलने वाली राशि का तीन किस्त भुगतान भी कर दिया गया और अब मकान पूरी तरीके से बन जाने के पश्चात अंतिम किस्त की भुगतान करने की बात आई तो आवास योजना के अधिकारी कर्मचारी के द्वारा ब्लूप्रिंट बनवा कर जमा करने की निर्देश दिए गए थे जिसके बाद ही अंतिम किस्त भुगतान किया जाना था,हालांकि ब्लूप्रिंट निकलवाने में हितग्राही असहज महसूस कर रहे थे जिसके लिए आवास कर्मचारी कार्तिक जैस्वाल के द्वारा मकान का ब्लू प्रिंट बनवा कर देने की बात कही और हितग्राही से उसके एवज में नगद ₹5000 लिया गया।हितग्राही का आरोप है की मेरे द्वारा पैसा देने के बाद भी 2 महीने गुजर जाने के बाद आज तक ना ही उस मकान का ब्लूप्रिंट मिल पाया है और ना ही आवास योजना का अंतिम भुगतान हो पाया है,जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि आवास योजना के कर्मचारी गरीब और निस्सहाय जनता को देखकर उनका गलत तरीके से फायदा उठा रहै हैं

