रायपुर मुनादी।
NRC, एनपीआर और CAA को लेकर हालांकि कांग्रेस पार्टी और उसके मुख्यमंत्रियों ने अपना मंतव्य एकदम साफ रखा है और कई राज्य सरकारों ने इसे लागू करने से साफ मन कर दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री भी कह चुके हैं कि राज्य में एनपीआर लागू नहीं होगी लेकिन इसकी प्रक्रिया शुरू होने वाली है। यह जनगणना के पहली फेज हाउस लिस्टिंग के साथ शुरू होगी।
25 अप्रैल से शुरू होनेवाली इस प्रक्रिया में सेन्सस के पहले दौर की हाउस लिस्टिंग होगी इसी के साथ ही एनपीआर अद्यतन (updatetion) का भी काम चलेगा। हाउस लिस्टिंग में घर से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे वहीं एनपीआर के वही सवाल यथावत रहेंगे जिसे केंद्र सरकार ने फॉर्मेट में तय किया है। इसमें वो विवादित सवाल भी पूछे जाने हैं जिनको लेकर कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियां ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह एनपीआर ही NRC की पहली प्रक्रिया है।
एनपीआर को लेकर न केवल कई ट्रेनिंग प्रोग्राम कर दिए गए हैं बल्कि हाउस लिस्टिंग के समय एनपीआर भी करवा लिया जाएगा। एक साथ दो फार्मेट भरे जाएंगे। एनपीआर के लिए कुल 14 सवाल पूछे जाने हैं जिसमें यह भी पूछा जाएगा कि परिवार के मुखिया के माता पिता कब पैदा हुए और कहां पैदा हुए। माता पिता की अलग अलग जानकारी देनी होगी। कांग्रेस कहती रही है कि यदि एनपीआर योजना प्रबंधन के लिए है तो किसी परिवार के मुखिया के माता पिता कहाँ पैदा हुए इसकी जानकारी सरकार क्यों मांग रही है । इसमें परिवार के लोगों का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और वोटर आईडी कार्ड नंबर भी देने होंगे।
इस मसले पर जनगणना के राज्य नोडल अधिकारी ने कहा कि एनपीआर संबंधित ट्रेनिंग तो दे दी गई है लेकिन एनपीआर शुरू करने का डेट तय नहीं हुआ है। हाउस लिस्टिंग के साथ इसे किया जाएगा या नहीं अभी तय नहीं है।


