जशपुर मुनादी//
स्कूली फंड में कमीशन मांगने का मामला अब सियासी रंग ले चुका है ।इस मामले में काँग्रेस जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने सीधा सीधा हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में शासन ने जो राशियां भेजी हैं वो बंदरबाँट करने के लिए नही है इस बात को सभी समझ लें ।सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के सर्वांगीण विकास हो इसके लिए शासन ने पैसे जारी किए हैं और इन राशियों में अगर कोई बन्दरबाँट करने की कोशिश करता है मतलब साफ है कि सरकार की अच्छी योजनाओं में पलीता लगा रहा है।ऐसे लोगो को बख्शा नही जाएगा उन पर कड़ी कार्यवाही होगी । मुनादी डॉट कॉम से औपचारिक चर्चा में पवन अग्रवाल ने कहा कि राशि खर्च करने के लिए प्रधान पाठक स्वतंत्र है और उनके सुझाव से ही खेल सामग्रियां या अन्य उपयोगी सामग्रियां खरीदी जाएंगी इसमें किसी दूसरे या तीसरे का कोई दबाव नही चलेगा प्रधान पाठकों को किसी से डरने की जरूरत नही है ।दबाव बनाने वाले भी कार्यवाही के दायरे में आ सकते हैं । आपको बता दें कि छात्रों के शारीरिक विकास के लिए शासन द्वारा खेलगढिया योजना एवं अन्य कुछ योजनाओं के तहत 5 हजार से 25 हजार तक की राशि प्रायमरी और मीडिल स्कूलों को जारी की गई है ।ये राशियां सीधे प्रधानपाठक के खाते में डाली गई है ।इन्ही राशियों को लेकर 20 दिन पहले विवाद शुरू हो गया था।सहायक शिक्षक फेडरेशन ने इन राशियों में कमीशन मांगे जाने के सीधे आरोप लगाए थे जिसकी जांच अभी भी चल रही है ।हांलाकि जांच में अबतक कुछ भी उजागर नही हो पाया है और कार्यवाही का कांटा उल्टा शिकायतकर्ताओं की तरफ ही घूमता दिख रहा है क्योंकि कुछ ही दिन पहके डीईओ ने शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी करने के संकेत दिए थे।

