रायपुर मुनादी।।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग को व्यक्तियों, हवाला डीलरों और व्यापारियों के एक समूह पर छापेमारी के बाद विभाग को अबतक 150 करोड़ रुपए के बेनामी लेन-देन के सबूत मिले हैं।
सीबीडीटी ने कहा कि प्रदेश में अफसरों को अवैध तौर पर हर महीने बड़ी रकम दी जा रही थी। सीबीडीटी ने बीते 27 फरवरी को काफी सारे ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
प्रेस विज्ञप्ति में आगे लिखा गया है कि इंटेलिजेंस, विश्वसनीय साक्ष्य और सूचना जैसे आधार पर छत्तीसगढ़ में विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई की है।
विभाग ने जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डाटा और अपराध को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज जप्त किए हैं जिससे साबित होता है कि शासकीय सेवक और ‘अन्य’ को बड़ी मात्रा में हर महीने अवैध रुप से रक़म मिलती रही है। विभाग को कई ऐसे बैंक खाते मिले है जिसमे संदिग्ध बैंक ट्रांसक्शन हुए है। वहीं नोटेबन्दी के समय राशि जमा करने सम्बन्धी दस्तावेज विभाग को छापेमारी के दौरान मिले है।
सीबीडीटी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में शराब और माईनिंग से काला धन आया वहीं शैल कंपनीयां बनाई गईं और कलकत्ता की कंपनियों में निवेश करने सम्बन्धी दस्तावेज मिले है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि आयकर विभाग ने यह छापे छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने और कांग्रेस सरकार के मुखिया किसान पुत्र भूपेश बघेल की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के उद्देश्य से मारे गए थे। कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि आयकर विभाग किस व्यक्ति से क्या राशि जप्त हुई है इसका खुलासा तत्काल करें।

