04-March-2020


एक करोड़ 20 लाख रुपए के गौण खनिज मद घोटाला, 14 वें वित्त आयोग की राशि का भी गोलमाल, जांच दल नव शुरू की पड़ताल, कई आएंगे लपेटे में ...पढें पूरी खबर



ग्राम टिमरलगा में गौण खनिज मामले मे हुई जांच, नायब तहसीलदार के नेतृत्व मे तीन सदस्यीय टीम ने किया जांच
14वां वित्त आयोग और गौण खनिज का है मामला,


सारंगढ़ मुनादी।


सारंगढ़ के प्रसिद्ध खनिज ग्राम टिमरलगा मे गौण खनिज मद और 14वां वित्त आयोग के मद से किया गया निमार्ण कार्य के फर्जीवाड़ा के संबंध मे आज जांच दल के द्वारा टिमरलगा पहुंचकर अपना जांच प्रारंभ कर दिया है।


इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत टिमरलगा में गौण खनिज मद और 14वां वित्त आयोग के मद से निमार्ण कार्यो में फर्जीवाड़ा और फर्जी मूल्यांकन करते हुए राशी को आहरण करने के संवेदनशील आरोप को लेकर टिमरलगा के दर्जन भर से अधिक रहवासियो के द्वारा शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया तथा पूरे मामले में जांच कराकर दोषी सरपंच और सचिव के साथ साथ फर्जीवाड़ा करने वालो को संरक्षण देने वाले अधिकारियो के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की मांग किया गया था जिस पर एसडीएम सारंगढ़ नें ग्राम पंचायत टिमरलगा को लेकर आई शिकायतो को लेकर जांच दल का गठन किया है।

जिसमे तारतम्य में इस जांच का दल के अध्यक्ष नायब तहसीलदार सुश्री रॉकी एक्का तथा यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) के एसडीओ अजीज अहमद और उपयंत्री विजय मिरी ने सोमवार को टिमरलगा पहुंचकर सरपंच से निमार्ण कार्य आदि की जानकारी लिया। ग्राम वासियो से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारियो ने गांव मे बताया कि जांच शुरू किया गया है गांव के सरपंच से कराया गया निमार्ण कार्य आदि की जानकारी लिया गया है। वही जल्द ही गांववासियो और शिकायतकर्ताओ के भी बयान आदि की कार्यवाही किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि इस पंचायत में सरपंच के पद पर महेन्द्र चौहान पदस्थ थे वही सचिव के तौर पर महेन्द्र लहरे विराजमान है। जबकि इस पंचायत के सभी मदो के निमार्ण कार्य को मूल्यांकन और सत्यापन आरईएस के उपयंत्री डी.के.नायक ने किया है।


14वां वित्त आयोग मे 90 लाख रूपये का फर्जीवाड़ा?
ग्राम पंचायत टिमरलगा में 2015-16 से लेकर 2019-20 तक कुल पांच वर्षो के दौरान 14वां वित्त आयोग के द्वारा स्वीकृत लगभग 90 लाख रूपये की राशी की स्वीकृति ग्राम पंचायत टिमरलगा को प्राप्त हुई थी। किन्तु इस मद से स्वीकृत सभी निमार्ण कार्य को गौण खनिज मद से स्वीकृत कराकर निमार्ण कार्य कराकर संपन्न करा दिया गया है। बाद में 14वां वित्त आयोग की स्वीकृति प्राप्त होने पर उसी निमार्ण कार्य को फिर से मूल्यांकन कराकर दो बार राशी आहरण कर लिया गया। इस खेल मे तात्कालिन सरपंच महेन्द्र चौहान, सचिव महेन्द्र लहरे और मूल्यांकन करने वाले अधिकारी और तकनिकी कर्मचारी शामिल है।
वर्ष 2015-16 9 लाख रूपये
वर्ष 2016-17 14 लाख रूपये
वर्ष 2017-18 8 लाख रूपये
वर्ष 2018-19 22 लाख रूपये
वर्ष 2019-20 37 लाख रूपये

लातनाला पर सुरक्षा दिवाल बना ही नही और राशी आहरित?


सारंगढ़ के टिमरलगा में गौण खनिज मद से लातनाला मे सुरक्षा दिवाल के नाम पर 6 निमार्ण कार्य स्वीकृत हुए है। इनमें से प्रत्येक सुरक्षा दिवाल के लिये 19.99 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किया गया है। इन सुरक्षा दिवालो का कार्य ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को पूर्ण कराना था किन्तु आज तक लात नाला में कही पर भी सुरक्षा दिवाल के लिये एक सिंगल पत्थर का भी निमार्ण संपन्न नही किया गया। लातनाला मे निमार्ण के लिये 1 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है किन्तु बिना निमार्ण किये ही इसमे से लगभग 80 लाख रूपये का आहरण कर दिया गया है। जिसकी जांच रिर्पोट से ही पूरा सच सामने आयेगा।








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