रायगढ़ मुनादी।।
CAA, NRC, NPR विरोधी आंदोलनकारियों ने अप्रैल से शुरू होने जा रहे एनपीआर अद्यतन जानकारी न देने का मन बना लिया है। रायगढ़ से एक प्रस्ताव प्रदेश शाहीन बाग कोआर्डिनेशन कमिटी को दी गई थी कि एनपीआर विरोधी अपने घरों के आगे यह तख्ती लगाएं कि वे एनपीआर संबंधित जानकारी नहीं देंगे क्योंकि वे एनपीआर प्रक्रिया से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरह सहमत नहीं हैं।
CAA विरोधियों ने एनपीआर प्रक्रिया पर लगाम लगाने कमर कस ली है। रायगढ़ में अब डोर टू डोर कैंपेन कर लोगों को इस मामले में समझाया भी जा रहा है। यहां लोग अपने घरों के बाहर तख्ती लगाएंगे जिसमें यह लिखा होगा कि हम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सहमत हैं, हम एनपीआर का विरोध करते हैं, एनपीआर संबंधित जानकारी नहीं दी जाएगी। कई घरों में यह तख्ती लटकी हुई दिखेगी। ऐसे में एनपीआर अद्यतन करने वाले सरकारी कर्मचारियों को काफी मुश्किल होने वाली है।
एनपीआर विरोधियों का कहना है कि एनपीआर में पूछे जाने वाले छः सवालों से उन्हें आपत्ति है। उनमें से प्रमुख है माता पिता का जन्म स्थान, माता पिता की जन्म तारीख। एनपीआर विरोधियों का कहना है कि हमने यह बता भी दिया कि उनका जन्म स्थान और जन्म तारीख क्या है फिर हम उसका कागजात लाने कहाँ जाएंगे ? यह एनपीआर ही NRC की पहली प्रक्रिया है जो लोगों को परेशान करने वाली है। इसे अभी से रोका जाना चाहिए।
CAA विरोधियों ने मुख्यमंत्री से भी मिलने का समय लिया है, उनकी मांग है कि मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार भी एनपीआर और NRC के विरुद्ध विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर, एनपीआर प्रक्रिया को रोके। इससे पहले राज्य के गृहमंत्री भी राज्य में एनपीआर नहीं कराए जाने की बात कह चुके हैं लेकिन प्रशासनिक तैयारियों से लग रहा है कि जनगणना के लिए शुरू होने वाली हाउस लिस्टिंग के साथ एनपीआर अद्यतन भी शुरू हो जाएगा। हालांकि सरकारी स्तर पर अभीतक एनपीआर कराने या न करने को लेकर कुछ भी बताया नहीं जा रहा है।

