रायगढ़ मुनादी।।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, गरियाबंद के मार्गदर्शन में कार्यरत प्रगतिशील कृषक सुभागिनी मेहर को बायोवेद कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान द्वारा ‘‘कृषि श्री’’ सम्मान से सम्मानित किया गया।
सुभागिनी मेहर को बायोवेद कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान, द्वारा प्रयागराज में आयोजित 20वें ‘‘कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषकों का महाधिवेशन’’ के अवसर पर सम्मानित किया गया।
मेहर ‘‘कृषि श्री’’ सम्मान प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला कृषक हैं।
सुभागिनी मेहर को यह सम्मान उनके द्वारा लाख की खेती में उत्कृष्ट कार्य करने तथा कृषि एवं ग्रामीण उत्थान के कार्याें में संलग्न रहने हेतु प्रदान किया गया है। देवभोग तहसील की निवासी मेहर भूमिहीन कृषक हैं जो अन्य किसानों से लीज़ पर कृषि भूमि लेकर लाख की खेती कर रही हैं। उन्होंने 60 क्विंटल कुसमी लाख का उत्पादन प्राप्त किया है जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रूपए है।

