जशपुर मुनादी।
छत्तीसगढ़ राजधानी के समीप भिलाई की एक संस्था अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने बगीचा सन्ना क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम छिछली "अ" के पहाड़ी कोरवाओं के पास पहुंची। यह संस्था "श्री त्रिपुर सुंदरी शिक्षण एवम वेल्फेयर सोसाइटी भिलाई " की महिला सदस्यों की टीम ने यहां पहाड़ी कोरवाओं के साथ वक्त बिताया, बल्कि इनके बच्चों शिक्षण संस्था के प्रांगण में उनके रूढ़ियों एवम परंपराओं के साथ आज का दिन जिया ही नहीं, बल्कि उनके बीच उन अनछुए पहलुओं पर बात की , जो उनके विकास में अब तक बाधक रहे हैं। वहीं इस पिछड़ी जनजाति की महिलाओं के बारे में यह जानकर हैरान रहे कि जहां महिलाओं की दशा दिशा समाज मे चिंतनीय है। वहीं इस पिछड़ी जनजाति परिवारों में महिलाओं की सहभागिता पुरुषों से कहीं बड़ी होती है, कहा जाए तो परिवार के प्रत्येक निर्णय में इनका मत सर्वोपरि होता है, यहां तक कि अपने जीवनसाथी चुनने की पूर्ण आजादी होती है।
संस्था सदस्यों ने यहां इस जनजाति के बीच जिया ही नही बल्कि इस समुदाय के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ दवाइयों की भी व्यवस्था की थी। संस्था ने उपस्थित पहाड़ी कोरवाओं के लिए वस्त्र की व्यवस्था कर रखी थी, जो इन जरूरतमंदों के बीच बांटी गई, साथ ही संस्था सदस्यों ने इन परिवारों के साथ भोजन भी किया।

वहीं संस्था प्रमुख शांता शर्मा ने बताया कि इन लोगों के साथ रहकर इतना तो मालूम हुआ कि इस अति पिछड़ी जनजाति समुदाय में जिस प्रकार महिलाओं की पुरुषों से बड़ी भागीदारी होती है। जो सीधा समाज को यह संदेश देती है। इतने अधिकार और भागीदारी तो सभ्य समाज मे मिलना मुश्किल होता है।

बगीचा प्रेस क्लब के सदस्यों को संस्था ने किया सम्मानित

वहीं त्रिपुर सुंदरी शिक्षण वेलफेयर सोसाइटी भिलाई संस्था ने बगीचा प्रेस क्लब को भी आमंत्रित किया था। जहां संस्था प्रमुख शांता शर्मा अपने सदस्यों के साथ प्रेस क्लब के सदस्यों में संतोष गुप्ता, योगेश थवाईत, दीपक सिंह, गौरव सिन्हा,योगेश यादव, मिथलेश गुप्ता, एजाज खान, परेश दास एवं शमशेर आलम को इस दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्र में इन जनजातियों इनके मुद्दों को समाज के सामने रखने, इनकी समस्याओं पर बेबाकी से पत्रकारिता करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

